ऑपरेशन थर्ड आई: तीसरी आंख की नजर होगी तेज, हर महीने पांच स्थानों पर 20 सीसीटीवी लगाने का लक्ष्य
ऑपरेशन थर्ड आई के तहत पुलिस सीसीटीवी का जाल बिछा कर निगरानी तंत्र को मजबूत कर रही है। जेएसके रेंज हर पुलिस थानों को अपने क्षेत्र में हर माह पांच संवेदनशील इलाकों में 20 सीसीटीवी लगाने का लक्ष्य दिया गया है।
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असामाजिक तत्वों और संदिग्धों पर नजर रखने के लिए जम्मू, सांबा और कठुआ (जेएसके) पुलिस रेंज में ऑपरेशन थर्ड आई अभियान चलाया जा रहा है। अब पुलिस तीसरी आंख की मदद से उन सभी बदमाशों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रख रही है, जो अपराधियों का गढ़ माने जाते हैं।
ऑपरेशन थर्ड आई के तहत पुलिस सीसीटीवी का जाल बिछा कर निगरानी तंत्र को मजबूत कर रही है। जेएसके रेंज हर पुलिस थानों को अपने क्षेत्र में हर माह पांच संवेदनशील इलाकों में 20 सीसीटीवी लगाने का लक्ष्य दिया गया है। दावा है कि इससे अपराधियों में खौफ है।
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोढ़ के तहत पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी की संख्या को बढ़ाएगी। इसमें कॉलेज और स्कूल बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाने पर भी विशेष जोर रहेगा। इससे बच्चों के परिवहन के समय सुरक्षित वातावरण मिलेगा।
सीसीटीवी लगाने की जानकारी के लिए पुलिस एक रजिस्टर बनाएगी, जिसमें जानकारी उपलब्ध होगी। क्षेत्र में सीसीटीवी वाले स्थानों पर होने वाली अपराधिक घटनाओं में पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस आधुनिक तकनीक के नाइट विजन सीसीटीवी लगाएगी। इसके लिए उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां अपराध या नशा व मवेशी तस्करी की ज्यादा संभावना है। जेएसके रेंज के डीआईजी डाॅ. सुनील गुप्ता के मार्गदर्शन में ये ऑपरेशन शुरू किया गया है।
यह दिए गए हैं निर्देश
- - सभी थाना व चौकी प्रभारी व्यक्तिगत रूप से ऐसे स्थान चिह्नित करेंगे जहां सीसीटीवी कैमरों की संख्या कम हो।
- - अभियान के दौरान लगाए जाने वाले कैमरों की गुणवत्ता बेहतर हो और स्टोरेज क्षमता अधिक हो।
- - इस बात पर फोकस रहे कि कैमरे का रुख ऐसी दिशा में हो जहां से संदिग्ध व्यक्ति और वाहन आदि की पहचान हो सके।
- - सभी थानों में सीसीटीवी संबंधी सूचना को दर्ज करेंगे ताकि, किसी भी घटना के बाद इसका इस्तेमाल किया जा सके।