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सौ वन गार्ड मास्टर ट्रेनर बनेंगे

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Jammu news, training forest guard
जम्मू। जम्मू-कश्मीर वन विभाग अपने सौ वन गार्ड को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करने जा रहा है। ये ट्रेनर अधिनियम के दावों के लिए फील्ड निरीक्षण का काम करेंगे। प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर वन गार्ड को मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जनजातियों और पारंपरिक रूप से जंगलों व उसके आसपास रहने वालों को वन भूमि इस्तेमाल करने का कानूनी रूप से अधिकार देने की प्रक्रिया पर अमल शुरू हो गया है। इसके लिए वन अधिकार कमेटी और वन विभाग ने अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। वन अधिनियम 2006 के तहत अनुसूचित जनजातियों और पारंपरिक निवासियों से दावे आमंत्रित किए गए हैं। इन दावों के जमीनी स्तर पर अमल के लिए ग्राम स्तर, उपमंडल और जिला स्तरीय कमेटियां काम कर रही हैं।
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वन विभाग ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में ऐसे सौ वन गार्डों की पहचान की गई है, जिन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये ट्रेनर फील्ड स्तर पर एकल, व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर के दावों के लिए निरीक्षण करेंगे।वन विभाग दावों के लिए रिकार्ड, मानचित्र आदि दस्तावेज उपलब्ध करवाएगी। वन विभाग जियो टैगिंग के लिए 1300-1400 जीपीएस यंत्र खरीदने की तैयारी कर रहा है। इस यंत्र के माध्यम से दावों के लिए क्षेत्रफल में क्षेत्र, पालीगान आदि उपयुक्त जानकारी मिल सकेगी। प्राइमरी स्तर पर ग्राम स्तर पर वन अधिकार कमेटी दावों को ले रही है। हालांकि ये प्रक्रिया लंबी बताई जा रही है। अधिनियम में प्रावधान है कि ग्राम सभा की सिफारिश पर एक हेक्टेयर तक की भूमि को स्कूलों, अस्पतालों, लघु जल निकायों, वर्षा जल संरचनाओं, लघु सिंचाई नहरों, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों, सड़क, पारंपरिक स्रोत,सरकारी सुविधाओं के विकास के उद्देश्य से परिवर्तित किया जा सकता है। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद वन अधिकार अधिनियम 14 वर्ष बाद प्रदेश में लागू हुआ है।
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वन विभाग पूरी जानकारी उपलब्ध करवा रहा: प्रधान संरक्षक
वन विभाग के प्रधान संरक्षक मोहित घेरा ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम को अमल में लाने के लिए वनविभाग की ओर से संबंधित कमेटी को पूरी जानकारी मुहैया करवाई जाएगी। इसमें दावों के भौतिक निरीक्षण के लिए स्टाफ को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। जिसमें क्षेत्रफल के निरीक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
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