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आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : डुल्लू
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे गरीब समुदायों के छात्रों शिक्षा ग्रहण करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही इनका पोषण भी सही तरीके से हो सकेगा। यह बातें मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने समाज कल्याण विभाग की बैठक में कहीं।
इस दौरान विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर में चलाई जा रही योजनाओं की प्राप्त लाभों के बारे में भी जानकारी ली। योजनाओं की व्यापक समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बाल विकास, पोषण और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए चल रही पहलों का जायजा लिया।
उन्होंने विशेष रूप से विकलांगों, विधवाओं, वृद्धों और समाज के आरक्षित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए तैयार की गई योजनाओं की विशेष समीक्षा की। डुल्लू ने कमजोर वगों के सामाजिक न्याय, संरक्षण और कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानूनी ढांचे की दक्षता का भी मूल्यांकन किया। इसमें किशोर न्याय अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिनियम पर भी जानकारी ली।
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बैठक में बताया गया कि विभाग जनजातीय समुदायों के लिए पहाड़ी छात्रावास की सुविधा दे रहा है। प्रदेशभर में 28,183 आंगनवाड़ी केंद्रों खोले गए हैं। आंगनबाड़ियों में पोषण वाटिका, वर्षा जल संचयन इकाइयां, एलईडी स्क्रीन, आरओ वाटर प्यूरीफायर की सुविधा दी जा रही है।
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जम्मू। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे गरीब समुदायों के छात्रों शिक्षा ग्रहण करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही इनका पोषण भी सही तरीके से हो सकेगा। यह बातें मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने समाज कल्याण विभाग की बैठक में कहीं।
इस दौरान विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर में चलाई जा रही योजनाओं की प्राप्त लाभों के बारे में भी जानकारी ली। योजनाओं की व्यापक समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बाल विकास, पोषण और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए चल रही पहलों का जायजा लिया।
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उन्होंने विशेष रूप से विकलांगों, विधवाओं, वृद्धों और समाज के आरक्षित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए तैयार की गई योजनाओं की विशेष समीक्षा की। डुल्लू ने कमजोर वगों के सामाजिक न्याय, संरक्षण और कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कानूनी ढांचे की दक्षता का भी मूल्यांकन किया। इसमें किशोर न्याय अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिनियम पर भी जानकारी ली।
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बैठक में बताया गया कि विभाग जनजातीय समुदायों के लिए पहाड़ी छात्रावास की सुविधा दे रहा है। प्रदेशभर में 28,183 आंगनवाड़ी केंद्रों खोले गए हैं। आंगनबाड़ियों में पोषण वाटिका, वर्षा जल संचयन इकाइयां, एलईडी स्क्रीन, आरओ वाटर प्यूरीफायर की सुविधा दी जा रही है।