फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmri Election 2024 Pulwama Jamaat E Islami Challenge to NC Khaleel and Pdp’s Para J&K Chunav

Jammu Election: पुलवामा में जमात ने बढ़ाया रोमांच, नेकां के खलील और पीडीपी के पर्रा को चुनौती; ऐसे हैं समीकरण

Wed, 18 Sep 2024 03:22 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 18 Sep 2024 03:22 PM IST
सार

पुलवामा निर्वाचन क्षेत्र से जमात-ए-इस्लामी के पूर्व सदस्य तलत मजीद अलाई के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। चुनाव की घोषणा से पहले यहां मुकाबला पर्रा बनाम बंद माना जा रहा था। अलाई के आने से अब मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। 

विज्ञापन
Jammu Kashmri Election 2024 Pulwama Jamaat E Islami Challenge to NC Khaleel and Pdp’s Para J&K Chunav
Jammu Election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निर्वाचन क्षेत्र से मृदा विज्ञान में पीएचडी धारक जमात-ए-इस्लामी के पूर्व सदस्य तलत मजीद अलाई ने मुकाबला और रोमांचक कर दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस से तीन बार के विधायक मोहम्मद खलील बंद और पीडीपी के वहीद पर्रा उन 12 उम्मीदवारों में शामिल हैं, जो इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा से मैदान में हैं। 
विज्ञापन


चुनाव की घोषणा से पहले यहां मुकाबला पर्रा बनाम बंद माना जा रहा था। अलाई के आने से अब मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। अलाई वर्ष 2023 में व्यवसायी से राजनेता बने। इसके बाद अल्ताफ बुखारी की अपनी पार्टी में शामिल हुए, लेकिन चुनाव में निर्दलीय उतरे हैं। 
विज्ञापन


अलाई ने कहा कि मैं किसी दबाव में नहीं हूं। मैं 2014 से बदलाव की वकालत कर रहा हूं। चूंकि मुझे वहां कोई अवसर नहीं मिला, इसलिए मैं बदलाव लाने के लिए किसी विकल्प की तलाश कर रहा था। कुलगाम में सयार अहमद रेशी और बारामुला में अब्दुल रहमान शाला जैसे कई अन्य जमात नेताओं के निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने से कई सीटों पर समीकरण बदले हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


72 वर्षीय खलील बंद जिन्होंने 1970 के दशक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी, पिछली सहस्राब्दी के अंत में क्षेत्रीय पार्टी के गठन के समय पीडीपी में शामिल हुए। उन्होंने 2002, 2008 और 2014 में पीडीपी प्रत्याशी के रूप में पुलवामा से विस चुनाव में जीत की हैट्रिक बनाई। 

2018 में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार गिरने के बाद खलील बंद नेशनल कॉन्फ्रेंस में आ गए। पीडीपी के युवा अध्यक्ष वहीद पर्रा दक्षिण कश्मीर निर्वाचन क्षेत्र पर खलील बंद की पकड़ को तोड़ने के लिए अपने करवाए कामों का हवाला दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पर्रा को इन चुनावों में जमात के समर्थन की सुविधा नहीं मिलेगी क्योंकि जमान ने अपने सदस्य को मैदान में उतारा है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed