J&K Weather: जम्मू-सांबा में रिमझिम बूंदाबांदी, गुलमर्ग में बर्फबारी, जानें प्रदेश के मौसम का हाल
मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, गांदरबल, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग जिले के कुछ ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई है।
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जम्मू शहर में मंगलवार को बादल छाए हुए हैं। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिल रही है। यही स्थिति कठुआ, उधमपुर, राजोरी, और पुंछ जिले की है। हालांकि प्रदेश में सभी जगहों पर ठंड का असर बना हुआ है। जम्मू में बीते दिनों के मुकाबले सर्दी में कुछ कम हुई है। उधर, जम्मू के साथ लगते सांबा और जिले के सीमावर्ती क्षेत्र रामगढ़ में हल्की रिमझिम बूंदाबांदी हुई है। कश्मीर घाटी के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं। गुलमर्ग में बर्फबारी हुई है। अन्य इलाकों में हिमपात और बारिश की उम्मीद की जा रही है।
इससे पहले तीन दिन लगातार हुई बर्फबारी से पर्यटकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के चेहरे खिल गए। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बर्फबारी ने बड़ी राहत दी है। इससे पहले तक सभी चिंतित थे। इस बीच सोमवार को बच्चों सहित बड़ी संख्या में पर्यटक गुलमर्ग और सोनमर्ग में बर्फबारी का आनंद उठाने के लिए पहुंचे।
कुपवाड़ा, गांदरबल में हिमस्खलन की चेतावनी
बर्फबारी के बाद, जम्मू और कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेडीएमए) ने सोमवार को अगले 24 घंटों में कश्मीर के गांदरबल और कुपवाड़ा जिलों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की। चेतावनी संभावित हिमस्खलन के लिए कम खतरे के स्तर का संकेत देती है, विशेष रूप से कुपवाड़ा में 2600 मीटर से ऊपर और गांदरबल जिलों में 2800 मीटर से ऊपर है। जेकेडीएमए ने कहा कि इन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों से सावधानी बरतने और अगले 24 घंटों के दौरान हिमस्खलन-संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करने का आग्रह किया जाता है। यह अनुशंसा की जाती है कि लोग स्थिति के बारे में सूचित रहें और संभावित हिमस्खलन के जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, गांदरबल, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग जिले के कुछ ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 से 31 जनवरी तक प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कई इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। एक से दो फरवरी तक आम तौर पर बादल छाए रहेंगे और दोपहर और शाम के बीच कई स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। तीन से चार फरवरी तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
30 और 31 जनवरी को एडवाइजरी पर यात्रा करने की सलाह
30 और 31 जनवरी को बनिहाल, पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इस अवधि में कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, गांदरबल, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग जिला के कई हिस्सों में भारी हिमपात होने के आसार हैं। इस दौरान बर्फबारी की सूरत में लोगों को सिंथन पास, मुगल रोड, सादना, राजदान, जोजीला आदि मार्गों पर यातायात विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी के तहत यात्रा करने की सलाह दी गई है। किसानों को भी तय एडवाइजरी के तहत सिंचाई और अन्य गतिविधियां करने की सलाह जारी की गई है। घाटी में 40 दिन का चिल्ले कलां 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है। इसके बाद 20 दिन का चिल्ला-ए-खुर्द (छोटी ठंड) शुरू होगा।
कोलकाता से गुलमर्ग पहुंचे अनिंदा और देओतिमा ने कहा कि उन्होंने 23 जनवरी के लिए टिकट बुक कराए थे। मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद अपनी यात्रा स्थगित कर दी थी। फिर 25 जनवरी को यहां पहुंचे, तो बर्फबारी देखने का सौभाग्य मिला। यहां आकर बहुत रोमांचित हैं। बर्फबारी के बाद कश्मीर सचमुच स्वर्ग जैसा दिखता है।
महाराष्ट्र के नागपुर से आए पर्यटक मोहम्मद इमरान ने कहा कि बर्फबारी के बाद वह फिर से गुलमर्ग रिसॉर्ट लौट आए हैं। दो दिन पहले तक यहां कुछ भी नहीं था। मैदान खाली दिख रहा था। इसके बाद हम श्रीनगर चले गए। इस बीच पता चला कि गुलमर्ग में बर्फबारी हुई है, तो फिर से गुलमर्ग आ गए। बर्फबारी के बाद अब बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है। बंगलुरु से माता-पिता और बहन के साथ कश्मीर आए आर्यन ने कहा कि यहां अलग तरह का अहसास हो रहा है। स्वर्ग जैसा लग रहा है।
मुंबई से आए 15 सदस्यीय पर्यटक समूह में शामिल अंकित मकाने ने सोनमर्ग में बर्फ का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में स्वर्ग जैसा लगता है। कश्मीर बहुत खूबसूरत है। बर्फबारी से न केवल पर्यटक उत्साहित हैं, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों में भी खुशी है। गुलमर्ग में स्थानीय पर्यटन सेवा प्रदाता परवेज़ अहमद ने कहा हमें बहुत खुशी हो रही है। अब न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि हमारी जीविका के लिए भी महत्वपूर्ण है।
एक अन्य हितधारक अब्दुल राशीद ने कहा कि लंबे समय तक सूखे के कारण आजीविका प्रभावित हो रही थी। बर्फबारी आशीर्वाद के रूप में हुई है। राशिद ने कहा कहा कि दो महीनों से ज्यादा काम नहीं था। बर्फ से संबंधित गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस बीच अधिकारियों ने पर्यटन स्थल सोनमर्ग और गुलमर्ग जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह जारी की है।
उन्होंने कहा है कि फिसलन की स्थिति के कारण केवल 4X4 वाहनों और एंटी-स्किड चेन वाले वाहनों को गुलमर्ग और सोनमर्ग की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। मौसम विभाग ने कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई है।
बर्फबारी से श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
लंबे समय तक शुष्क मौसम के बाद रविवार को कश्मीर के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई। इससे श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी हुई है, जबकि सोनमर्ग स्वास्थ्य रिसॉर्ट में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई। जोजिला दर्रा और सोनमर्ग में लगभग 2 से 3 इंच बर्फ गिरी है। इससे हर तरफ सफेद चादर दिखाई दे रही है।
वहीं, बर्फ और फिसलन भरी सड़क की स्थिति को देखते हुए ज़ोजिला दर्रे पर यातायात बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) से मंजूरी मिलने के बाद यातायात की अनुमति दी जाएगी। सब डिविजनल मजिस्ट्रेट कंगन द्वारा जारी एक सलाह में कहा गया है कि सड़क की सतह पर बर्फबारी और पाले के कारण फिसलन भरी सड़क की स्थिति को देखते हुए यह आदेश दिया गया है। केवल एंटी-स्किड चेन वाले वाहनों और 4x4 वाहनों को गगनगीर से सोनमर्ग और वापस जाने की अनुमति दी जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा।