जम्मू-कश्मीर में चढ़ते पारे से आगामी दिनों में राहत मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 31 मार्च तक प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इसमें कश्मीर संभाग अधिक प्रभावित होगा। 27 से 30 मार्च को कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने के साथ ओलावृष्टि हो सकती है।
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पुलवामा में सरसों के खेतों में तस्वीरें लेते हुए सैलानी
- फोटो : बासित जरगर
30 मार्च को यात्रियों और पर्यटकों को यात्रा एडवाइजरी के तहत सफर करने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खेतों से जुड़ी गतिविधियां रोकने के लिए कहा है। खराब मौसम की सूरत में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है।
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पुलवामा में सरसों के खेतों के पास से गुजरती हुई रेलगाड़ी
- फोटो : बासित जरगर
कश्मीर में मौसम सुहावना बना हुआ है। इससे पहले मंगलवार को श्रीनगर समेत अधिकांश हिस्सों में दोपहर बाद हल्के बादल छा गए। मौसम के लगातार साफ रहने से कश्मीर के अधिकतर जिलों में दिन का तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री ऊपर चल रहा है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 6.1 डिग्री चढ़कर 21.4 और न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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पुलवामा में सरसों के खेतों में तस्वीरें लेते हुए सैलानी
- फोटो : बासित जरगर
पहलगाम में दिन का पारा सामान्य से 7.1 डिग्री चढ़कर 18.8 और गुलमर्ग में सामान्य से 7.6 डिग्री चढ़कर 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जम्मू में हल्के बादल छाए रहे। यहां दिन का पारा 28.5 और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बनिहाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री चढ़कर 23.7, बटोत में 22.2, कटड़ा में 27.2 और भद्रवाह में 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में न्यूनतम तापमान माइनस 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जोजिला पास खुला, बीते साल से आधे से भी कम समय में हुआ सुचारू
कश्मीर घाटी को लद्दाख के साथ जोड़ने वाले जोजिला पास को बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ने इस वर्ष 30 दिनों के रिकॉर्ड समय के बीच यातायात के लिए बहाल कर इतिहास रचा है। इससे लद्दाख के लोगों को काफी राहत मिली है। साथ ही देश की रक्षा में तैनात सेना और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को भी फायदा पहुंचेगा। यहां पढ़ें पूरी खबर...