Jammu Kashmir: रामबन जिले के बनिहाल में जम्मू-कश्मीर का तीसरा डॉपलर रडार स्थापित, मौसम की मिलेगी सटीक जानकारी
अमरनाथ यात्रा के सकुशल संचालन, पर्यटन, कृषि क्षेत्र व विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए बेहद उपयोगी होगा यह यंत्र। उप राज्यपाल ने कहा नए डॉपलर से मौसम संबंधी आपदा में आएगी कमी।
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जम्मू-कश्मीर के बनिहाल टॉप में डॉपलर मौसम रडार स्थापित किय गया है। इसके साथ ही मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अमरनाथ यात्रा के सकुशल संचालन के साथ ही पर्यटकों को लाभ होगा। कृषि समुदाय से जुड़े लोगों को भी लाभ पहुंचेगा। विमानों के सुरक्षित संचालन में भी रडार उपयोगी साबित होगा।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा व केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रडार का उद्घाटन किया। जम्मू-कश्मीर में इस प्रकार के तीन डॉपलर स्थापित हो गए हैं। इससे पहले जम्मू और श्रीनगर में दो रडार स्थापित किए जा चुके हैं। उप राज्यपाल ने कार्यक्रम में वर्चुअली कहा कि इस डॉपलर की क्षमता 100 किमी की परिधि में मौसम के सटीक पूर्वानुमान की है।
इससे विभिन्न धार्मिक यात्राओं खासकर अमरनाथ यात्रा के सकुशल संचालन में मदद मिलेगी। भारतीय मौसम विज्ञान खराब मौसम में लोगों के जानमाल की रक्षा तथा आजीविका पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विभाग जम्मू-कश्मीर को आपदा मुक्त क्षेत्र बनाने में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। यह कृषि व संबद्ध क्षेत्रों तथा पर्यटन उद्योग को मदद करेगा जो यहां की अर्थव्यवस्था के मुख्य घटक हैं। कहा कि यहां भारी बर्फबारी तथा बारिश होती है। बादल फटने, बिजली, भूस्खलन, बाढ़ तथा हिमस्खलन का खतरा रहता है।
ऐसी स्थिति में डॉपलर से समय से पहले सटीक जानकारी मिल जाने से नुकसान से बचा जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए डॉपलर से मौसम संबंधी आपदा में कमी आएगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 148वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में विभाग के आठ प्रकाशनों का विमोचन किया गया।
साथ ही स्कूली बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, भू विज्ञान मंत्रालय के सचिव डा. एम रविचंद्रन, मौसम विभाग के डीजीएम डॉ. एम मोहापात्रा आदि उपस्थित रहे।
2025 तक देशभर में होगा डॉपलर मौसम रडार का नेटवर्क: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि खराब मौसम के संबंध में मौसम विभाग के पूर्वानुमान की सटीकता में पिछले आठ से नौ वर्षों में लगभग 40 फीसदी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, 2025 तक पूरे देश में डॉपलर रडार नेटवर्क होगा।
उन्होंने कहा, देश में डॉपलर रडार की संख्या 2013 में 15 से बढ़कर 2023 में 37 हो गई है। भारत अगले दो से तीन वर्षों में 25 और रडार जोड़ेगा, जिससे यह संख्या 62 हो जाएगी। सिंह ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 148वें स्थापना दिवस के मौके पर कहा कि पूर्वानुमान में सुधार के साथ आपदा से संबंधित मृत्यु दर घटकर एक अंक में रह गई है।
उत्तराखंड में सुरकंडा देवी पर लगा डॉपलर मौसम रडार
आईएमडी ने रविवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में चार डॉपलर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर) चालू किए। इनके चलते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मौसम निगरानी क्षमताएं मजबूत होंगी। इन्हें उत्तराखंड में सुरकंडा देवी, हिमाचल में जोत व मुरारी देवी और जम्मू-कश्मीर में बनिहाल टॉप पर स्थापित किया गया।