{"_id":"616680e48ebc3ed34f1c2e02","slug":"jammu-kashmir-terrorists-are-present-in-the-forests-of-poonch-for-two-three-months-dig-said-terrorists-will-be-killed-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: पुंछ के जंगलों में दो-तीन माह से मौजूद हैं आतंकी, डीआईजी बोले- जल्द ढेर होंगे दहशतगर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: पुंछ के जंगलों में दो-तीन माह से मौजूद हैं आतंकी, डीआईजी बोले- जल्द ढेर होंगे दहशतगर्द
Wed, 13 Oct 2021 12:17 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 13 Oct 2021 12:17 PM IST
सार
आतंकियों को स्थानीय स्तर पर कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्हें एक क्षेत्र में घेर लिया गया है। पहले चलाए गए ऑपरेशन में भी समय जरूर लगा है, लेकिन आतंकियों को ढेर करने में सुरक्षा बलों ने सफलता पाई है।
विज्ञापन
आतंकी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पुंछ और राजोरी जिले के बॉर्डर पर स्थित पंगेई के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी पिछले दो-तीन माह से है। यह खुलासा पुलिस की राजोरी-पुंछ रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता ने किया है। पांच सैन्य जवानों की शहादत और चल रहे ऑपरेशन पर डीआईजी ने कहा कि जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी दो-तीन माह से है। इनकी तलाश की जा रही थी, इसी दौरान सर्च पार्टी पर हमला हुआ है।
विज्ञापन
डीआईजी ने कहा कि यहां की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन पूरा ऑपरेशन एक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। आतंकियों को स्थानीय स्तर पर कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्हें एक क्षेत्र में घेरा लिया गया है। पहले चलाए गए ऑपरेशन में भी समय जरूर लगा है, लेकिन आतंकियों को ढेर करने में सुरक्षा बलों ने सफलता पाई है। इस बार भी दहशतगर्दों का सफाया कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: घाटी में आतंकियों के लिए सुरक्षाबलों का प्रहार जारी, अब तक भारी पड़ा अक्तूबर
विज्ञापन
डीआईजी ने कहा कि सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से एक बार फिर कांटैक्ट हुआ है। मुठभेड़ भी चली, लेकिन जंगल दुरूह होने की वजह से ऑपरेशन अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाया है। गौरतलब है कि आतंकियों की मौजूदगी दो स्थानाें पर पता चली है। यह दोनों इलाके पुंछ और राजोरी जिले की सीमा पर पड़ते हैं और एक ही रूट से जुड़े हुए हैं।