जम्मू कश्मीर: अलगाववादी नेता अशरफ सेहरई का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
अलगाववादी नेता मोहम्मद अशरफ सेहरई का बुधवार को निधन हो गया था। गुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुुरवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। सेहरई, सैय्यद अली शाह गिलानी के करीबी थे।
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अलगाववादी नेता एवं तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ सेहरई का गुरुवार को कुपवाड़ा जिले में उनके पैतृक गांव में कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए अंतिम संस्कार किया गया। गत वर्ष 13 जुलाई से पीएसए के तहत बंद सेहरई को तबीयत बिगड़ने के बाद उधमपुर जेल से लाकर जीएमसी जम्मू में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने बुधवार को दम तोड़ा। वह हुर्रियत कांफ्रेंस नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के करीबी थे, जिन्हें गिलानी के बाद 2018 में तहरीक का अध्यक्ष बनाया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि जेल में मंगलवार को तबीयत बिगड़ने के बाद सेहरई को जीएमसी जम्मू लाया गया। यहां कोरोना की एंटीजन जांच निगेटिव आई, लेकिन आरटीपीसीआर रिपोर्ट का अभी इंतजार है। कोरोना के लक्षण के साथ ऑक्सीजन लेवल गिरता जा रहा था। जेल में उन्होंने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत मंगलवार को की थी। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल उधमपुर ले जाया गया। हालात में सुधार न होने पर उन्हें जीएमसी जम्मू भेजा गया, जहां बुधवार को दोपहर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार सांस संबंधी गंभीर बीमारी के कारण उन्होंने दम तोड़ा।
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तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता हिलाली की बेटियों ने अमित शाह को लिखा पत्र
उधर, तिहाड़ जेल में बंद अलगाववादी नेता आफताब हिलाली की बेटियों ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कोरोना संक्रमित पिता की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। आतंकी फंडिंग के मामले में वह 2017 से जेल में बंद हैं। उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। पिछले सप्ताह जांच के दौरान हिलाली कोरोना संक्रमित पाए गए थे।
शाह को लिखे गए पत्र में सुजैन शाह (18) और सुंदास शाह (14) ने बताया है कि पिछले लगभग एक हफ्ते से उनके पिता को किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं है। हमें पता भी नहीं कि वह जीवित हैं कि नहीं। लिखा है कि जम्मू के एक अस्पताल में अलगाववादी नेता अशरफ सेहराई की मौत ने हमें पिता को लेकर और चिंतित कर दिया है। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल है।
अलगाववादी नेता की बेटियों ने दावा किया कि उनके पिता गंभीर मधुमेह के साथ कई अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। कोरोना संक्रमित होने के बाद उनकी सेहत में और गिरावट आई है। उन्होंने शाह से मानवीय आधार पर उनके पिता की रिहाई के लिए अपील पर विचार करने और उनके परिवार को बर्बाद होने से बचाने का अनुरोध किया है।