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जम्मू कश्मीर: ट्यूशन, वार्षिक व ट्रांसपोर्ट फीस के अलावा अन्य कोई शुल्क नहीं ले सकते निजी स्कूल

Wed, 24 Apr 2024 01:22 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 24 Apr 2024 01:22 PM IST
सार

निजी स्कूल बिना फीस निर्धारण समिति की मंजूरी के तय फीस से ज्यादा नहीं ले सकते हैं। हर तीन साल बाद निजी स्कूलों को अपनी फाइल समिति को देनी होती है, जिसमें उन्हें अपना खर्च, राजस्व, स्टाफ की संख्या, उनके वेतन, स्कूल में सुविधा और ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी देनी होती है।

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Jammu Kashmir: Private schools cannot charge any fee other than tuition annual and transport fees
स्कूल जाते हुए विद्यार्थी (फाइल) - फोटो : संवाद

विस्तार

फीस निर्धारण समिति के चेयरमैन सुनील हाली ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में निजी स्कूल ट्यूशन, वार्षिक और ट्रांसपोर्ट फीस के अलावा अन्य कोई शुल्क नहीं ले सकते हैं। निजी स्कूल अभिभावकों से दाखिला फीस नहीं ले सकते हैं, क्योंकि इस फीस को लेने पर रोक है।

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हाली ने मंगलवार को यहां प्रेसवार्ता में कहा, निजी स्कूल बिना फीस निर्धारण समिति की मंजूरी के तय फीस से ज्यादा नहीं ले सकते हैं। हर तीन साल बाद निजी स्कूलों को अपनी फाइल समिति को देनी होती है, जिसमें उन्हें अपना खर्च, राजस्व, स्टाफ की संख्या, उनके वेतन, स्कूल में सुविधा और ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी देनी होती है। इसकी जांच के बाद किसी भी स्कूल की फीस या वार्षिक शुल्क बढ़ाया जाता है। 
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फीस निर्धारण समिति के चेयरमैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत ये सभी खर्च निकालने के बाद स्कूल को विकास के लिए एक से 15 फीसदी तक अतिरिक्त राशि देनी पड़ती है। यह राशि हर स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग होती है। उन्होंने कहा, हमार लक्ष्य रहता है कम से कम फीस बढ़ाई जाए। पहले कुछ स्कूलों की फीस कम की गई थी, लेकिन उन्होंने हाईकोर्ट से इस पर स्टे ले लिया, जिसके बाद वे अपनी मर्जी की फीस वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल और अभिभावकों को बोझ नहीं पड़े, इसको देखते हुए एफएफआरसी चलती है।
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अभिभावक नहीं आते शिकायत करने

चेयरमैन ने कहा कि जिस भी स्कूल की फीस तय की जाती है। उसमें प्रावधान रखा जाता है कि अभिभावकों को अगर इससे कोई आपत्ति है तो एफएफआरसी में शिकायत कर सकते हैं, लेकिन विडंबना है कि हमारे पास एक भी शिकायत नहीं मिली है। कुछ लोग खुद से नेता बनकर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों के पास तथ्य नहीं हैं। अभिभावक स्कूल में एसोसिएशन बनाएं, ताकि स्कूलों की मनमानी को हम रोक सकें।

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