{"_id":"5e39b1938ebc3ee59a6af70b","slug":"jammu-kashmir-police-cctv-of-control-room-not-working-in-city-several-location","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर पुलिस की तीसरी आंख खराब, 40 से अधिक स्थानों पर लगे कंट्रोल रूम के सीसीटीवी खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर पुलिस की तीसरी आंख खराब, 40 से अधिक स्थानों पर लगे कंट्रोल रूम के सीसीटीवी खराब
Tue, 04 Feb 2020 11:32 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 04 Feb 2020 11:32 PM IST
सार
- 40 से अधिक स्थानों पर लगे पुलिस कंट्रोल रूम के सीसीटीवी में से एक-दो ही चल रहे
- हाईवे पर सीसीटीवी दूर की कौड़ी, आतंकवाद ग्रस्त जिलों में भी सीसीटीवी नहीं
- सभी थानों और पुलिस चौकियों में भी सीसीटीवी नहीं
विज्ञापन
कबाड़ कैमरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मंदिरों के शहर जम्मू में पुलिस की तीसरी आंख खराब है। यहां तक कि कई आतंकवादग्रस्त जिलों में भी सीसीटीवी नहीं लग पाए हैं। न ही पुलिस के सभी थाने और पुलिस चौकियां कवर हो पाई हैं। कुल मिलाकर पुलिस की जांच निजी क्षेत्र में लगे सीसीटीवी पर निर्भर है। बेशक महकमा नेशनल हाइवे पर सीसीटीवी लगाने की बात कह रहा हो, लेकिन यह दूर की कौड़ी नजर आता है।
जानकारी के अनुसार जम्मू शहर में 40 से अधिक लोकेशन पर सीसीटीवी पुलिस कंट्रोल रूम की तरफ से लगाए गए थे। लेकिन इनमें से एक दो ही चल रहा है। बाकी सभी खराब पड़े हुए हैं। पुलिस को जब भी शहर में किसी क्षेत्र की कोई फुटेज चाहिए, तो दुकानों या फिर लोगों के घरों के बाहर लगे कैमरों से फुटेज लेनी पड़ती है।
इधर आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में सीसीटीवी न होना बड़ी सुरक्षा चूक है। क्योंकि प्रमुख चौक चौराहों पर सीसीटीवी की नजर नहीं है। इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा, रामबन, पुंछ, राजोरी, शोपियां, बांदीपोरा, अनंतनाग, आदि कश्मीर के जिलों में सीसीटीवी नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जम्मू शहर में 40 से अधिक लोकेशन पर सीसीटीवी पुलिस कंट्रोल रूम की तरफ से लगाए गए थे। लेकिन इनमें से एक दो ही चल रहा है। बाकी सभी खराब पड़े हुए हैं। पुलिस को जब भी शहर में किसी क्षेत्र की कोई फुटेज चाहिए, तो दुकानों या फिर लोगों के घरों के बाहर लगे कैमरों से फुटेज लेनी पड़ती है।
विज्ञापन
इधर आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में सीसीटीवी न होना बड़ी सुरक्षा चूक है। क्योंकि प्रमुख चौक चौराहों पर सीसीटीवी की नजर नहीं है। इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा, रामबन, पुंछ, राजोरी, शोपियां, बांदीपोरा, अनंतनाग, आदि कश्मीर के जिलों में सीसीटीवी नहीं हैं।
विज्ञापन
सेना, सीआरपीएफ की तरफ से जरूर अपनी सभी लोकेशन को सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है। जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर पुलिस के सभी थाने और पुलिस चौकियां भी सीसीटीवी से कवर नहीं हैं।
100 से ज्यादा कैमरे लगाने का प्रस्ताव
पुलिस कंट्रोल रूम के एसएसपी कुलवीर सिंह का कहना है कि पुराने कैमरे खराब हो चुके हैं। इन सबको बदला जाना है। शहर में 100 से ज्यादा कैमरे लगाने की योजना है। इसमें अभी कुछ वक्त लग सकता है।
100 से ज्यादा कैमरे लगाने का प्रस्ताव
पुलिस कंट्रोल रूम के एसएसपी कुलवीर सिंह का कहना है कि पुराने कैमरे खराब हो चुके हैं। इन सबको बदला जाना है। शहर में 100 से ज्यादा कैमरे लगाने की योजना है। इसमें अभी कुछ वक्त लग सकता है।