ना'पाक' हरकतों से परेशान लोग बोले- कब तक नरकीय जीवन जीते रहेंगे, पाकिस्तान को सबक सिखाए सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे हीरानगर के आसपास गांवों में पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलाबारी का दंश झेल रहे लोगों का हाल जानने के लिए मढ़ीन बीडीसी चेयरमैन करण कुमार व पंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार ने पांसर व रठुआ गांव का दौरा किया। इस दौरान लोगों ने कहा केंद्र सरकार खुलकर पाकिस्तान को करारा जवाब दे। रोज रात को डर-डर कर सोना अब हमारे लिए मुश्किल हो गया है।
पंच सुरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार आदि ने बताया अक्सर रात के समय पाकिस्तान गोलाबारी करता है। उसकी कोशिश रहती है कि रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए। बीते मंगलवार की रात भी पाकिस्तान ने मोर्टार से गोले दागे, जिसमें कुछ मवेशी घायल हुए। इससे पहले भी गोलाबारी में कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। लेकिन सरकार की ओर से हमारी सुध लेने यहां कोई नहीं आया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी औपचारिकता पूरी की।
न तो हम रात को सो पाते हैं और न ही हमारे बच्चे पढ़ाई कर पाते हैं- ग्रामीण
लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज से न तो हम रात को सो पाते हैं और न ही हमारे बच्चे पढ़ाई कर पाते हैं। कब तक हम इस तरह का नरकीय जीवन जीते रहेंगे। इसका कोई स्थाई समाधान हो। कुछ लोगों ने यह मांग की कि उन्हें कहीं सुरक्षित स्थान पर जमीन देकर बसाने का काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि बंकरों का काम अभी अधूरा है। कहीं बंकरों में बिजली की सुविधा नहीं है तो कुछ में पानी भरा है। कुछ बंकर घरों से कुछ दूरी पर हैं जिस कारण गोलाबारी के दौरान वहां पहुंचना असंभव है। इस तरह के हालात का सामना करते अब हम थक चुके हैं। लोगों का दर्द जानने के बाद चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि सीमावर्ती लोगों की समस्याओं के बारे में डिवीजनल कमिश्नर को जानकारी देंगे। उनके माध्यम से सरकार तक आपकी बात पहुंचाएंगे।