जम्मू कश्मीर: विपक्षी दलों ने कहा- अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की दलीलों में कुछ भी नया नहीं
अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने कहा कि शीर्ष अदालत में दी गई दलीलों में कुछ भी नया नहीं है। यह अगस्त 2019 के बाद केंद्र द्वारा दिए गए उन्हीं अस्पष्ट बयानों की तरह है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सर्वोच्च न्यायालय में राज्य का दर्जा बहाल और जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने पर केंद्र की दलीलों को विपक्षी राजनीतिक दलों ने कुछ खास नहीं बताया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की यह सिर्फ ध्यान भटकाने वाली रणनीति है। सरकार परिणामों को जानते हुए जानबूझकर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों में देरी कर रही है। न्यायालय में केंद्र ने अपनी दलीलों में कहा है कि जम्मू कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव करवाए जा सकते हैं।
भाजपा की अदालत में दी गई दलीलें पहले दिए बयानों से बहुत अलग नहीं- जेकेपीसी
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (जेकेपीसी) के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि शीर्ष अदालत में दी गई दलीलें पिछले चार वर्षों में इस मुद्दे पर केंद्र की ओर से आए बयानों से बहुत अलग नहीं हैं। मैं निराश हूं, जम्मू-कश्मीर के कारण नहीं, बल्कि आंशिक रूप से न्यायपालिका के कारण। यह न्यायपालिका का सर्वोच्च पद है और यदि यह कोई प्रश्न पूछता है और उत्तर वही और उतना ही अस्पष्ट और टालमटोल वाला होता है, जैसा कि चार साल पहले था, तो मुझे लगता है कि यह चिंता का विषय है।
भाजपा की अदालत में दी गई दलीलों में कुछ भी नया नहीं- अपनी पार्टी
अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी ने कहा कि शीर्ष अदालत में दी गई दलीलों में कुछ भी नया नहीं है। यह अगस्त 2019 के बाद केंद्र द्वारा दिए गए उन्हीं अस्पष्ट बयानों की तरह है। मुझे लगता है कि या तो सुप्रीम कोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है या सरकार यहां कुछ भी करने को लेकर गंभीर नहीं है। केंद्र 2019 से कह रहा है कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव होंगे।
हम चाहते हैं जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव हों- प्रदेश भाजपा
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जमीनी स्तर पर जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया है। निष्पक्ष पंचायत चुनाव करवाए गए। हम चाहते हैं जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव हों। आज जम्मू कश्मीर में चारों ओर खुशहाली है। जी20 जैसे बड़े कार्यक्रम किए गए हैं। दावा किया कि विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर मजबूत दल बनकर उभरेगा।
भाजपा ने नहीं बताया विधानसभा चुनाव कब होंगे या राज्य का दर्जा कब बहाल होगा- सीपीआईएम
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता एमवाई तारिगामी ने कहा कि केंद्र ने कई मौकों पर कहा है कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। वह उचित समय कब आएगा, शायद हमें 2024 में पता चलेगा। अगर लोकसभा चुनाव के बाद कुछ बदलाव होता है, तो वे शायद इस पर विचार करेंगे। हमें उन पर भरोसा क्यों करना चाहिए। उन्होंने यह नहीं बताया कि विधानसभा चुनाव कब होंगे या राज्य का दर्जा कब बहाल होगा। यह एक मजाक है।
हम अपने सांविधानिक अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगे- नेकां
नेकां के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की वकालत करती रहेगी, जिसमें विधानसभा चुनाव कराना भी शामिल है। हम अपने सांविधानिक और कानूनी अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगे।
हम चुनाव की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट नहीं गए थे। हमारी मूल याचिका 5 अगस्त, 2019 को लिए गए एकतरफा और असांविधानिक फैसलों के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच को जो बताया गया है, वह मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की रणनीति है। आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची को अद्यतन करने के बारे में शीर्ष अदालत में दी गई दलीलों का उद्देश्य और अधिक भ्रम पैदा करना था।
मतदाताओं की सूची मुख्य रूप से नगर निगम चुनावों के लिए अद्यतन की जा रही है। इसका विधानसभा चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। पार्टी के जम्मू प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव करवाए जाने चाहिएं। सरकार खुद ही चुनाव पर लोगों को गुमराह करती रही है। हम पहले ही चुनाव की मांग कर रहे हैं। परिसीमन, मतदाता सूचियों की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, फिर चुनाव करवाने में देरी क्यों की जा रही है। प्रांतीय सचिव शेख बशीर अहमद ने कहा कि केंद्र का रुख अपरिवर्तित है और कहा कि शीर्ष अदालत के समक्ष दिए गए उसके बयान में कुछ भी नया नहीं है।
अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को हम मानते हैं असांविधानिक- पीडीपी
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के मुख्य प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने कहा कि न तो राज्य का दर्जा बहाल करना और न ही विधानसभा चुनाव कराना पार्टी के लिए आवश्यक प्राथमिकता है। हम यह देखना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की सांविधानिक वैधता पर कैसे निर्णय लेता है, जिसे हम असांविधानिक और अवैध मानते हैं। देश के कानूनविदों द्वारा जम्मू-कश्मीर के लोगों के मामले की पैरवी जिस ठोस तरीके से की गई है, उससे हम बहुत संतुष्ट हैं। हमें उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ-साथ देश के लोकतांत्रिक लोकाचार के लिए न्याय होगा। चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि सभी तैयारियां कर ली गई हैं।
पीडीपी के महासचिव अमरीक सिंह का कहना है कि हम पहले से ही विधानसभा चुनाव की मांग करते रहे हैं। सरकार ने ही चुनाव नहीं करवाए हैं। विपक्षी दलों की ऑल पार्टी के नेताओं ने पहले ही दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलकर विधानसभा चुनाव करवाने की मांग की थी। चुनाव आयोग को शीघ्र चुनाव करवाकर लोगों को लोकप्रिय सरकार देनी चाहिए।
राज्य का दर्जा तुरंत बहाल किया जाए- कांग्रेस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएन मोंगा ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कुछ भी निश्चित नहीं कहा है। हमारी पार्टी का रुख है कि राज्य का दर्जा तुरंत बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि केंद्र ने इसका वादा किया है और चुनाव के बाद इसका पालन किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से केंद्र को ऐसा कहना पड़ रहा है, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी रही है। कांग्रेस पहले ही विधानसभा चुनाव की मांग करती रही है। मौजूदा प्रशासन ने मनमाने ढंग से लोगों से सिर्फ कर वसूलने का काम किया है। हमें उप राज्यपाल प्रशासन मंजूर नहीं है। लोगों को अपनी चुनी हुई सरकार मिलनी चाहिए।