फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu kashmir News : Verification of children in Rohingya settlements became a challenge

जम्मू-कश्मीर : रोहिंग्या बस्तियों में बच्चों का सत्यापन बना चुनौती, संख्या ने खड़ा किया संकट

Fri, 12 Mar 2021 02:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 12 Mar 2021 02:50 AM IST
सार

  • अब तक सिर्फ 30 फीसदी लोगों का ही वेरिफिकेशन हो पाया
  • 90 फीसदी रोहिंग्याओं के पास आधार कार्ड, कुछ के पास राशन कार्ड भी

विज्ञापन
Jammu kashmir News : Verification of children in Rohingya settlements became a challenge
Rohingya

विस्तार

रोहिंग्या बस्तियों में सीआईडी का वेरिफिकेशन जारी है। अब तक 30 फीसदी लोगों का ही वेरिफिकेशन हो पाया है। दरअसल, रोहिंग्याओं में बच्चों की तादाद बहुत अधिक है। इनका ब्योरा जुटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है क्योंकि पिछले पांच साल में रोहिंग्या बस्तियों में 2 से 3 हजार बच्चों का जन्म हुआ है।

विज्ञापन


यहां जन्मे बच्चों का नाम किसी भी सूची में शामिल नहीं है। न ही इनका नाम राशन कार्ड में है और न ही इनके आधार कार्ड हैं। यही कारण है कि एक दंपती का वेरिफिकेशन कन्फर्म करने पर उसके साथ दो से तीन बच्चों के नाम भी सामने आ रहे हैं जिसका कोई रिकार्ड ही नहीं। 
विज्ञापन


बहुत से बच्चे ऐसे हैं, जिनके बारे में बताया भी नहीं जा रहा और इनको ढूंढने में परेशानी हो रही है। पिछले एक हफ्ते से पुलिस और सीआईडी की ओर से मिलकर रोहिंग्याओं का वेरिफिकेशन किया जा रहा है लेकिन वेरिफिकेशन काफी धीमी प्रक्रिया से हो रहा है। वेरिफिकेशन करने के लिए बच्चों को ढूंढना और उनके नाम पते कन्फर्म करना पुलिस के सिरदर्दी बन चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार नरवाल रोहिंग्या बस्ती में कई ऐसे दंपति हैं, जिनके बच्चों का कोई रिकार्ड नहीं। इनका रिकार्ड किस तरह से लिया जाएगा, यह अभी तक तय नहीं हो पाया है। यही कारण है कि कई दंपतियों का वेरिफिकेशन होने के बाद भी इन लोगों को अभी तक होल्डिंग सेंटर नहीं भेजा गया है। जबकि कुछ रोहिंग्या ऐसे हैं, जिनका वेरिफिकेशन करने के बाद उनको वापस बस्तियों में भेजा गया है। 


प्लाट मालिकों पर कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि शहर के और इसके आसपास 30 खाली प्लॉटों पर रोहिंग्याओं को बसाया गया है। इन खाली प्लॉट के मालिक रोहिंग्याओं से हर महीने मोटी कमाई कर रहे हैं। ऐसे प्लॉट मालिकों पर एफआईआर की तैयारी की जा रही है। हालांकि, अब तक छह से सात लोगों पर इसे लेकर एफआईआर लग चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed