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देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ : सकीना
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श्रीनगर। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, समाज कल्याण एवं शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने कहा कि डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो एक स्वस्थ समाज को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह बातें शेर ए कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) में मंगलवार को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर आयोजित समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि यह दिवस सिर्फ़ प्रशंसा के लिए नहीं है बल्कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवर लोेगों और और डॉक्टरों की पहचान के बारे में है जो जीवन बचाने और खुशहाली को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। डॉक्टरों को सच्चा योद्धा बताते हुए कहा कि वह करुणा, साहस और ईमानदारी के साथ समाज की सेवा करते रहते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने डॉक्टरों के योगदान को स्वीकार करें और उसका सम्मान करें।
जम्मू-कश्मीर के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में स्किम्स की महत्ता बताते हुए उन्होंने मरीजों की देखभाल और अटूट समर्पण के लिए चिकित्सकों और कर्मचारियों की सराहना की। कहा कि हम संस्थान के इंजीनियरिंग विंग को बहाल करने के तरीकों की जांच कर रहे हैं। स्किम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एमएस खुरू ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का विषय उन डॉक्टरों की भलाई की आवश्यकता पर जोर देता है जो अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य की कीमत पर रोगी की देखभाल को प्राथमिकता देते हैं। कहा कि डॉक्टर होना एक आशीर्वाद है। क्योंकि यह मानव जाति की सेवा करता है।
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स्किम्स के निदेशक डॉ. एम अशरफ गनी ने संस्थान की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि यह दिन सफेद कोट पहने उन नायकों का सम्मान करता है, जो ज्ञान, करुणा, प्रतिबद्धता और देखभाल के साथ लोगों का उपचार करते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. जीएच याटू ने कहा कि यह दिन उन लोगों की पहचान और प्रतिबद्धता का क्षण है, जिन्होंने मानवता की सेवा के लिए अपना जीवन चुना। स्किम्स के प्राचार्य प्रो. फजल कादिर, डीन मेडिकल फैकल्टी प्रो. जीएम गुलजार, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. जीजे कादरी ने भी विचार व्यक्त किए।
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उन्होंने कहा कि यह दिवस सिर्फ़ प्रशंसा के लिए नहीं है बल्कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े पेशेवर लोेगों और और डॉक्टरों की पहचान के बारे में है जो जीवन बचाने और खुशहाली को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। डॉक्टरों को सच्चा योद्धा बताते हुए कहा कि वह करुणा, साहस और ईमानदारी के साथ समाज की सेवा करते रहते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने डॉक्टरों के योगदान को स्वीकार करें और उसका सम्मान करें।
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जम्मू-कश्मीर के लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में स्किम्स की महत्ता बताते हुए उन्होंने मरीजों की देखभाल और अटूट समर्पण के लिए चिकित्सकों और कर्मचारियों की सराहना की। कहा कि हम संस्थान के इंजीनियरिंग विंग को बहाल करने के तरीकों की जांच कर रहे हैं। स्किम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एमएस खुरू ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का विषय उन डॉक्टरों की भलाई की आवश्यकता पर जोर देता है जो अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य की कीमत पर रोगी की देखभाल को प्राथमिकता देते हैं। कहा कि डॉक्टर होना एक आशीर्वाद है। क्योंकि यह मानव जाति की सेवा करता है।
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स्किम्स के निदेशक डॉ. एम अशरफ गनी ने संस्थान की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि यह दिन सफेद कोट पहने उन नायकों का सम्मान करता है, जो ज्ञान, करुणा, प्रतिबद्धता और देखभाल के साथ लोगों का उपचार करते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. जीएच याटू ने कहा कि यह दिन उन लोगों की पहचान और प्रतिबद्धता का क्षण है, जिन्होंने मानवता की सेवा के लिए अपना जीवन चुना। स्किम्स के प्राचार्य प्रो. फजल कादिर, डीन मेडिकल फैकल्टी प्रो. जीएम गुलजार, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. जीजे कादरी ने भी विचार व्यक्त किए।