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उर्दू हिंदुस्तान की जुबां है, उसे कभी खत्म नहीं कर सकते : डॉ. फारूक
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मुहर्रम के जुलूस में शामिल डॉ. फारूक।
- फोटो : shrinagar news
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श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने फिलिस्तीन और ईरान के लोगों के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों से शांति और न्याय की खोज में एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पहले हमें मज़हब के आधार पर बांटा गया अब भाषा के आधार पर बांटा जा रहा है। उर्दू यहां की जुबां है, हिंदुस्तान की जुबां है, उसको कभी ख़त्म नहीं कर सकते।
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, इस्राइल समझता है कि वो ईरान को खत्म कर देगा। वो इस्लाम को कभी ख़त्म नहीं कर सकता, ईरान को कभी ख़त्म नहीं कर सकता। हम लोग जब से हिंदुस्तान आज़ाद हुआ है फिलिस्तीन के साथ खड़े हैं। कोई प्रधानमंत्री ऐसा नहीं था जिसने फिलिस्तीन की लड़ाई में मदद नहीं की है।
उन्होंने इमाम हुसैन और कर्बला के संदेश के बीच एक ऐतिहासिक समानता को रेखांकित किया। समकालीन समय में इसकी स्थायी प्रासंगिकता पर जोर दिया। अब्दुल्ला ने कहा, इमाम हुसैन ने न्याय और शांति के लिए खड़े होने और अत्याचार का विरोध करने का एक ही संदेश दिया। यही कर्बला का असली सार है। पूर्व मुख्यमंत्री 10वें मुहर्रम के जुलूस में शामिल हुए और आज़ादारों के बीच जल वितरित किया।
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डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, इस्राइल समझता है कि वो ईरान को खत्म कर देगा। वो इस्लाम को कभी ख़त्म नहीं कर सकता, ईरान को कभी ख़त्म नहीं कर सकता। हम लोग जब से हिंदुस्तान आज़ाद हुआ है फिलिस्तीन के साथ खड़े हैं। कोई प्रधानमंत्री ऐसा नहीं था जिसने फिलिस्तीन की लड़ाई में मदद नहीं की है।
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उन्होंने इमाम हुसैन और कर्बला के संदेश के बीच एक ऐतिहासिक समानता को रेखांकित किया। समकालीन समय में इसकी स्थायी प्रासंगिकता पर जोर दिया। अब्दुल्ला ने कहा, इमाम हुसैन ने न्याय और शांति के लिए खड़े होने और अत्याचार का विरोध करने का एक ही संदेश दिया। यही कर्बला का असली सार है। पूर्व मुख्यमंत्री 10वें मुहर्रम के जुलूस में शामिल हुए और आज़ादारों के बीच जल वितरित किया।
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