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Jammu News: सूखे धान के खेतों तक पहुंचा पानी
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श्रीनगर। उत्तर कश्मीर के सैकड़ों संकटग्रस्त किसानों को तब बड़ी राहत मिली है जब वीरवार देर रात सोपोर और आसपास के इलाकों में सूखे धान के खेतों में सिंचाई की आपूर्ति बहाल कर दी गई। बता दें कि सिंचाई की आपूर्ति जालोरा, सागीपोरा, हरवान और कई अन्य गांवों में प्रभावित हुई थी जिससे करीब 40,000 कनाल से अधिक भूमि पानी की किल्लत का सामना कर रही थी।
जानकारी के अनुसार अधिकारी रात करीब 11 बजे प्रभावित स्थलों पर पहुंचे और सूखी लाल कौल धारा के माध्यम से पानी के प्रवाह को बहाल करने के लिए रात भर काम किया।
सागीपोरा के एक किसान बिलाल अहमद ने कहा, हम निराश हो गए थे, लेकिन यह बात सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सब कुछ बदल गया। कुछ ही घंटों में अधिकारी आए और हमारे खेतों तक आपूर्ति सुनिश्चित की। जमीन से बढ़ते दबाव और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रतिनिधियों से जनता की अपील के बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई।
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सोपोर के अतिरिक्त उपायुक्त एसए रैना ने पहले आश्वासन दिया था कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। किसानों ने कहा, धान के खेतों को पूरी तरह से सिंचित करने में कुछ दिन लगेंगे, लेकिन पानी पहुंच गया है और धीरे-धीरे शेष भूमि तक पहुंच जाएगा। उन्होंने हंदवाड़ा विंग द्वारा दिखाए गए सहयोग की सराहना की। सोपोर, ज़ैंगीर और अन्य भागों के किसान, जिन्होंने सूखी नहरों के कारण इस मौसम में धान की खेती नहीं की थी, अब उम्मीद कर रहे हैं कि राहत जारी रहेगी। हारवान के एक किसान ने कहा, इस कदम ने न केवल हमारी फसलों को बल्कि हमारे परिवारों को बर्बाद होने से बचाया है।
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जानकारी के अनुसार अधिकारी रात करीब 11 बजे प्रभावित स्थलों पर पहुंचे और सूखी लाल कौल धारा के माध्यम से पानी के प्रवाह को बहाल करने के लिए रात भर काम किया।
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सागीपोरा के एक किसान बिलाल अहमद ने कहा, हम निराश हो गए थे, लेकिन यह बात सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सब कुछ बदल गया। कुछ ही घंटों में अधिकारी आए और हमारे खेतों तक आपूर्ति सुनिश्चित की। जमीन से बढ़ते दबाव और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रतिनिधियों से जनता की अपील के बाद यह त्वरित कार्रवाई की गई।
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सोपोर के अतिरिक्त उपायुक्त एसए रैना ने पहले आश्वासन दिया था कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। किसानों ने कहा, धान के खेतों को पूरी तरह से सिंचित करने में कुछ दिन लगेंगे, लेकिन पानी पहुंच गया है और धीरे-धीरे शेष भूमि तक पहुंच जाएगा। उन्होंने हंदवाड़ा विंग द्वारा दिखाए गए सहयोग की सराहना की। सोपोर, ज़ैंगीर और अन्य भागों के किसान, जिन्होंने सूखी नहरों के कारण इस मौसम में धान की खेती नहीं की थी, अब उम्मीद कर रहे हैं कि राहत जारी रहेगी। हारवान के एक किसान ने कहा, इस कदम ने न केवल हमारी फसलों को बल्कि हमारे परिवारों को बर्बाद होने से बचाया है।