{"_id":"68531957d5e5d0a67c07cab9","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-264-1-sr11002-101967-2025-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य का दर्जा हमारा अधिकार है, कोई उपकार नहीं: फारूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य का दर्जा हमारा अधिकार है, कोई उपकार नहीं: फारूक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना कोई रियायत नहीं बल्कि सांविधानिक अधिकार है। उन्होंने क्षेत्र में तत्काल पूर्ण लोकतांत्रिक सत्ता की वापसी का आह्वान किया। पुलवामा जिला पार्टी कार्यालय मुजाहिद मंजिल में ब्लॉक, हलका और मोहल्ला इकाइयों की एक दिवसीय कार्यकर्ता बैठक में बोलते हुए डॉ. फारूक ने कहा, राज्य का दर्जा कोई तोहफा नहीं है - यह लोगों का अधिकार है। इसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है और सत्तारूढ़ सरकार ने बार-बार वादा किया है।
डॉ. फारूक की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के मामलों और सार्वजनिक मुद्दों की समीक्षा की गई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार इन चुनौतियों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे की आलोचना करते हुए कहा कि यह वास्तविक शासन में बाधा है। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर न केवल भूमि क्षेत्र के मामले में बल्कि अपनी बहुस्तरीय संस्कृति के मामले में भी बहुत बड़ा है। केंद्र शासित प्रदेश के सीमित ढांचे के तहत इस पर शासन करना बिना हवा के पतंग उड़ाने जैसा है।
इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष शौकत मीर, प्रांतीय सचिव सैयद तौकीर, विधायक न्यायमूर्ति हसनैन मसूदी, गुलाम मोहिदीन मीर और डीडीसी अध्यक्ष सैयद बारी अंद्राबी भी मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला अध्यक्ष पुलवामा मोहम्मद खलील बंद ने किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. फारूक की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी के मामलों और सार्वजनिक मुद्दों की समीक्षा की गई। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार इन चुनौतियों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे की आलोचना करते हुए कहा कि यह वास्तविक शासन में बाधा है। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर न केवल भूमि क्षेत्र के मामले में बल्कि अपनी बहुस्तरीय संस्कृति के मामले में भी बहुत बड़ा है। केंद्र शासित प्रदेश के सीमित ढांचे के तहत इस पर शासन करना बिना हवा के पतंग उड़ाने जैसा है।
विज्ञापन
इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष शौकत मीर, प्रांतीय सचिव सैयद तौकीर, विधायक न्यायमूर्ति हसनैन मसूदी, गुलाम मोहिदीन मीर और डीडीसी अध्यक्ष सैयद बारी अंद्राबी भी मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला अध्यक्ष पुलवामा मोहम्मद खलील बंद ने किया था।
विज्ञापन