फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: सोपोर की नाहिदा बनीं कश्मीर की पहली महिला कबड्डी रेफरी

विज्ञापन
jammu kashmir news
श्रीनगर। अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल, हम वो नहीं कि जिन को ज़माना बना गया…। जाने-माने शायर जिगर मुरादाबादी की लिखी ये पंक्तियां सोपोर की नाहिदा और उनके हौसले पर एकदम सटीक बैठती हैं। बाधाओं से लड़कर, उन्हें जीत कर, नाहिदा ने अपनी पहचान बनाई और बन गईं कश्मीर की पहली महिला कबड्डी रेफरी। वे सीर सोपोर की रहने वाली हैं। नाहिदा नबी ने बीते माह मई में जयपुर में एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन आफ इंडिया (एकेएफआई) के रेफरी फ्रेशर कोर्स को क्वालीफाई किया है। एेसा करने वाली वह पहली कश्मीरी महिला हैं। नाहिदा के अनुसार, बाधाएं तो बहुत आई ज़िन्दगी में, लेकिन मेरा लक्ष्य मुझे मालूम था और अपने ख्वाब को पूरा करना मेरा मकसद था। वे कहती हैं कि
विज्ञापन

समाज की बात सुनेंगे तो आगे बढ़ना मुश्किल हो जाएगा।

बेटी को पहलवान बनाओ का दिया नारा



नाहिदा न केवल बाधाओं को तोड़ रही हैं, बल्कि बेटी को पहलवान बनाओ...का नारा देकर समाज को जागरूक कर रही हैं। कश्मीर की पहली महिला रेफरी बनी नाहिदा ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने में उन्हें भारी संघर्ष करना पड़ा।
विज्ञापन



माता-पिता को मनाना आसान नहीं था, भाई चट्टान की तरह मेरे साथ रहा



नाहिदा ने कहा, माता-पिता को मनाना आसान नहीं था। वे मेरी पसंद पर सवाल उठाते थे, लेकिन अब उन्हें मुझ पर गर्व है। मेरा भाई शुरू से चट्टान की तरह मेरे साथ खड़ा रहा। वह अपनी सफलता का श्रेय परिवार को देती हैं।अपने सफर के बारे में बताते हुए नाहिदा ने कहा, मैंने 2003 में पांचवीं कक्षा से कबड्डी शुरू की। यह कम खर्चीला खेल था और इसमें लड़कियां कम थीं। पैसों की दिक्कत आई, पर मैंने हार नहीं मानी। हर स्थिति में ट्रायल देती रही। उन्होंने जोर देकर कहा, आज कश्मीर में लड़कियों का आगे बढ़ना मुश्किल है। लोग बहुत बातें करते हैं, पर मैंने कभी ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन




नाहिदा ने अपने करियर के मील के पत्थर गिनाए

2015 में पटियाला में सब-जूनियर नेशनल खेला, फिर जूनियर और सीनियर नेशनल। पीछे मुड़कर नहीं देखा। शिक्षा के बारे में बताया: कश्मीर यूनिवर्सिटी से फिजिकल एजुकेशन में बैचलर्स किया। जम्मू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया। एनआईएस पटियाला और बंगलुरू से कोर्स किए।

वर्तमान में वह कुपवाड़ा ज़िले के हंदवाड़ा में खेलो इंडिया सेंटर में कोच हैं। ख़ुशी जताते हुए उन्होंने कहा, मैंने हाल ही में एकेएफआई का रेफरी कोर्स क्वालीफाई किया। कश्मीर की पहली महिला रेफरी बनने पर गर्व है। नाहिदा की यह उपलब्धि घाटी की उन लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed