{"_id":"67047dca7b4805eff0025854","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-10-1-jam1004-458046-2024-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: कश्मीरी पंडित युवती के विवाह में मुस्लिम समुदाय ने भाईचारे की मिसाल कायम की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: कश्मीरी पंडित युवती के विवाह में मुस्लिम समुदाय ने भाईचारे की मिसाल कायम की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनंतनाग। जिले के एक गांव हनुमान पुरा में कश्मीरी पंडित युवती के विवाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़चढ़ सहयोग दिया और भाइचारे की मिसाल कायम की। मुस्लिम महिलाओं ने दूल्हे का कश्मीरी गाने से स्वागत किया। पिछले 4 दिन लगातार मेहंदी रात, लेडीज संगीत सहित अन्य रस्मों में भाग लिया।
गांव में कश्मीरी पंडित बेटी के विवाह समारोह में हिस्सा लेने वाले मुस्लिम पड़ोसियों ने कहा कि यह गांव वालों के लिए एक शानदार पल था। इस कश्मीरी पंडित दुल्हन को अपने गांव की बेटी की तरह मानते हैं।
स्थानीय पड़ोसी ने कहा कि यह हमारी सदियों पुरानी परंपरा है जिसके तहत यहां रहने वाले मुसलमान और पंडित एक-दूसरे के खुशी या गम के जश्न में शामिल होते हैं। यह सच्चा कश्मीर है, यह हमारी संस्कृति है और हम भाईचारा साझा करते हैं। हम विभाजनकारी राजनीति में विश्वास नहीं करते।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक पुरानी परंपरा रही है कि कश्मीरी हो या हिंदू, हम यहां एक-दूसरे के साथ रहते हैं, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, हमने हमेशा एक-दूसरे का साथ दिया है। मुस्लिम महिलाएं दूल्हे का स्वागत करते हुए दिखीं और विवाह समारोह के दौरान कश्मीरी पंडित महिलाओं के साथ गायन और नृत्य में भी भाग लिया।
विज्ञापन
गांव में कश्मीरी पंडित बेटी के विवाह समारोह में हिस्सा लेने वाले मुस्लिम पड़ोसियों ने कहा कि यह गांव वालों के लिए एक शानदार पल था। इस कश्मीरी पंडित दुल्हन को अपने गांव की बेटी की तरह मानते हैं।
विज्ञापन
स्थानीय पड़ोसी ने कहा कि यह हमारी सदियों पुरानी परंपरा है जिसके तहत यहां रहने वाले मुसलमान और पंडित एक-दूसरे के खुशी या गम के जश्न में शामिल होते हैं। यह सच्चा कश्मीर है, यह हमारी संस्कृति है और हम भाईचारा साझा करते हैं। हम विभाजनकारी राजनीति में विश्वास नहीं करते।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक पुरानी परंपरा रही है कि कश्मीरी हो या हिंदू, हम यहां एक-दूसरे के साथ रहते हैं, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, हमने हमेशा एक-दूसरे का साथ दिया है। मुस्लिम महिलाएं दूल्हे का स्वागत करते हुए दिखीं और विवाह समारोह के दौरान कश्मीरी पंडित महिलाओं के साथ गायन और नृत्य में भी भाग लिया।