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Jammu News: पुरमंडल ब्लॉक में सोलर लाइटें बनीं शोपीस
Tue, 02 Jun 2026 02:11 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:11 AM IST
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पुरमंडल ब्लॉक में सोलर लाइटें बनी शोपीसरखरखाव के अभाव में दो साल में ही खराब कुछ लाइटें दृश्य
रखरखाव के अभाव में दो साल में ही खराब पड़ीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से की मरम्मत व नियमित देखभाल की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। पुरमंडल ब्लॉक में लोगों की सुविधा और सुरक्षा के उद्देश्य से सार्वजनिक स्थलों पर सोलर लाइटें लगाई गई थीं। यह लाइटें करीब दो वर्ष पहले सड़कों के किनारे, गांव की गलियों, मंदिरों के आसपास और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की गई थीं। योजना की शुरुआत में इन लाइटों से क्षेत्र में रात के समय उजाला हुआ और ग्रामीणों में खुशी की लहर देखने को मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोलर लाइटों के कारण न केवल रात में आवागमन आसान हुआ बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं में भी कमी आई थी। उजाले के कारण चोर वारदात करने से कतराते थे, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई थी।
हालांकि, दो साल बीत जाने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। रखरखाव की कमी के चलते अधिकांश सोलर लाइटें खराब पड़ी हुई हैं और बंद हालत में हैं। परिणामस्वरूप, लोगों को इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा है और करोड़ों रुपये खर्च कर लागू की गई यह योजना सरकारी धन की बर्बादी साबित होती नजर आ रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि सोलर लाइटें बिजली की खपत नहीं करतीं और इनके संचालन के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की भी जरूरत नहीं होती। सूर्यास्त के साथ अपने आप जलने और सूर्योदय के साथ बंद होने वाली इन लाइटों के लिए केवल समय-समय पर मरम्मत और देखरेख की आवश्यकता होती है। लेकिन खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत के लिए न तो ब्लॉक स्तर पर और न ही जिला स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था की गई है।
स्थानीय निवासियों जोगिंदर शर्मा, बलदेव राज, राहुल शर्मा और महेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द खराब सोलर लाइटों को ठीक किया जाए और उनके नियमित रखरखाव के लिए एक स्थायी योजना बनाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो अंधेरे के कारण चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी का खतरा बना रहेगा। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि जनहित में इस योजना को दोबारा प्रभावी बनाया जाए।
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पुरमंडल। पुरमंडल ब्लॉक में लोगों की सुविधा और सुरक्षा के उद्देश्य से सार्वजनिक स्थलों पर सोलर लाइटें लगाई गई थीं। यह लाइटें करीब दो वर्ष पहले सड़कों के किनारे, गांव की गलियों, मंदिरों के आसपास और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की गई थीं। योजना की शुरुआत में इन लाइटों से क्षेत्र में रात के समय उजाला हुआ और ग्रामीणों में खुशी की लहर देखने को मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोलर लाइटों के कारण न केवल रात में आवागमन आसान हुआ बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं में भी कमी आई थी। उजाले के कारण चोर वारदात करने से कतराते थे, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई थी।
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हालांकि, दो साल बीत जाने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। रखरखाव की कमी के चलते अधिकांश सोलर लाइटें खराब पड़ी हुई हैं और बंद हालत में हैं। परिणामस्वरूप, लोगों को इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा है और करोड़ों रुपये खर्च कर लागू की गई यह योजना सरकारी धन की बर्बादी साबित होती नजर आ रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि सोलर लाइटें बिजली की खपत नहीं करतीं और इनके संचालन के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की भी जरूरत नहीं होती। सूर्यास्त के साथ अपने आप जलने और सूर्योदय के साथ बंद होने वाली इन लाइटों के लिए केवल समय-समय पर मरम्मत और देखरेख की आवश्यकता होती है। लेकिन खराब पड़ी लाइटों की मरम्मत के लिए न तो ब्लॉक स्तर पर और न ही जिला स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था की गई है।
स्थानीय निवासियों जोगिंदर शर्मा, बलदेव राज, राहुल शर्मा और महेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द खराब सोलर लाइटों को ठीक किया जाए और उनके नियमित रखरखाव के लिए एक स्थायी योजना बनाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो अंधेरे के कारण चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी का खतरा बना रहेगा। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि जनहित में इस योजना को दोबारा प्रभावी बनाया जाए।