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Jammu News: अमावस्या पर गुप्त गंगा में उमड़े श्रद्धालु, पवित्र स्नान व रुद्राभिषेक
Sun, 17 May 2026 02:33 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 17 May 2026 02:33 AM IST
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अमावस्या पर श्रद्धालु दर्शन करने जाते हुए का दृश्य स्रोत
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छोटी काशी पुरमंडल में हजारों भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए की पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। अमावस्या पर उत्तरवाहिनी में स्थित गुप्त गंगा घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पुरमंडल और उत्तरवाहिनी पहुंचने शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने गुप्त गंगा में स्नान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। पंडितों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई गई। पुरमंडल में स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त गंगा में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों में वर्णित है कि गुप्त गंगा का जल सीधे मां गंगा से जुड़ा माना जाता है। इसी धार्मिक महत्व के कारण पुरमंडल को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। हर अमावस्या पर यहां दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं।
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अमावस्या पर कई स्थानों में श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाए गए। यहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं उत्तरवाहिनी और पुरमंडल में पंडितों ने विधिपूर्वक पितृ पूजन करवाया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मेले के दौरान ऐतिहासिक स्थलों पुरमंडल और उत्तरवाहिनी में स्थानीय लोगों ने खाने-पीने की वस्तुओं, बच्चों के खिलौनों और घरेलू सामानों के स्टाल लगाए जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने मेले में खरीदारी की।
लोगों का कहना है कि हर महीने लगने वाले इस मेले से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अमावस्या मेले और धार्मिक प्रदर्शनी को नियमित रूप से बढ़ावा दिया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। अमावस्या पर उत्तरवाहिनी में स्थित गुप्त गंगा घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पुरमंडल और उत्तरवाहिनी पहुंचने शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने गुप्त गंगा में स्नान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने शिव मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। पंडितों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई गई। पुरमंडल में स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त गंगा में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों में वर्णित है कि गुप्त गंगा का जल सीधे मां गंगा से जुड़ा माना जाता है। इसी धार्मिक महत्व के कारण पुरमंडल को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। हर अमावस्या पर यहां दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं।
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अमावस्या पर कई स्थानों में श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाए गए। यहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं उत्तरवाहिनी और पुरमंडल में पंडितों ने विधिपूर्वक पितृ पूजन करवाया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मेले के दौरान ऐतिहासिक स्थलों पुरमंडल और उत्तरवाहिनी में स्थानीय लोगों ने खाने-पीने की वस्तुओं, बच्चों के खिलौनों और घरेलू सामानों के स्टाल लगाए जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने मेले में खरीदारी की।
लोगों का कहना है कि हर महीने लगने वाले इस मेले से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अमावस्या मेले और धार्मिक प्रदर्शनी को नियमित रूप से बढ़ावा दिया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएं।