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Jammu News: विस्थापित परिवारों को कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया तेज
Sun, 14 Jun 2026 01:50 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले में गत वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान विस्थापित हुए परिवारों को आवंटित कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राजस्व विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर विशेष शिविरों के माध्यम से पात्र परिवारों से आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं।
तहसीलदार राजपुरा करणजीत सिंह ने बताया कि राजपुरा बस्ती-1, बस्ती-2, मदून बस्ती, पलूृरा बस्ती, मदवाल बस्ती तथा मावा बस्ती के विस्थापित परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस दौरान परिवारों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जल्द से जल्द जमा करवाने के लिए कहा गया है, ताकि उनकी फाइलें पूरी कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा सकें।
उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पात्र परिवारों को कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राजस्व विभाग का प्रयास है कि लंबे समय से लंबित इस मामले का समाधान कर विस्थापित परिवारों को उनका अधिकार दिलाया जाए।
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स्थानीय जीत लाल, सत पाल, वरियाम सिंह, बाबू राम, बलदेव राज ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सरकार की इस प्रक्रिया से दशकों से भूमि के मालिकाना हक की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिलेगी।
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सांबा। जिले में गत वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान विस्थापित हुए परिवारों को आवंटित कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राजस्व विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर विशेष शिविरों के माध्यम से पात्र परिवारों से आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं।
तहसीलदार राजपुरा करणजीत सिंह ने बताया कि राजपुरा बस्ती-1, बस्ती-2, मदून बस्ती, पलूृरा बस्ती, मदवाल बस्ती तथा मावा बस्ती के विस्थापित परिवारों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस दौरान परिवारों को अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जल्द से जल्द जमा करवाने के लिए कहा गया है, ताकि उनकी फाइलें पूरी कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा सकें।
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उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पात्र परिवारों को कस्टोडियन भूमि का मालिकाना हक प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राजस्व विभाग का प्रयास है कि लंबे समय से लंबित इस मामले का समाधान कर विस्थापित परिवारों को उनका अधिकार दिलाया जाए।
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स्थानीय जीत लाल, सत पाल, वरियाम सिंह, बाबू राम, बलदेव राज ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सरकार की इस प्रक्रिया से दशकों से भूमि के मालिकाना हक की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत मिलेगी।