{"_id":"6a1f3cdd4357305768006a5a","slug":"jammu-kashmir-news-samba-news-c-289-1-sjam1009-112837-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: बाबा चमलियाल मेले की तैयारियों में जुटा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: बाबा चमलियाल मेले की तैयारियों में जुटा प्रशासन
Wed, 03 Jun 2026 01:58 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन के निकट स्थित दरगाह बाबा चमलियाल में आगामी 25 जून को लगने वाले वार्षिक मेले को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण मिलकर विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए उपायुक्त सांबा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सांबा सहित अन्य अधिकारियों ने मेला स्थल का दौरा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं। अधिकारियों को बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय निवासी हरपाल सिंह ने कुरालियां से रामगढ़ जाने वाले मार्ग की खराब स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत जल्द करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर गांवों में भी मेले को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोग लंगरों की तैयारियों में जुटे हैं। लंगर के लिए लकड़ियां एकत्र की जा रही हैं, जबकि महिलाएं खाद्य सामग्री की सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग दे रही हैं।
कुल मिलाकर बाबा चमलियाल मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन, विभिन्न विभागों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है। सभी लोग इस ऐतिहासिक और आस्था के प्रतीक मेले को सफल बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर योगदान दे रहे हैं।
वाक्स,
जीरो लाइन पर स्थित दरगाह हिंदू बाबा दलीप सिंह मन्हास की है जिसे बाबा चमलियाल के नाम से भी जाना जाता है। इस दरगाह में भारत पाक के श्रदालुओं की आस्था जुडी है। हिंदू और मुसलमान दोनों समुदाय के लोग बाबा को मानते आ रहे हैं।इस मेले को लेकर पाकिस्तान के सैदांबली गांव में भी रौनक है, एक सप्ताह तक मेले का आयोजन किया जाता है। वहां भी बाबा की मजार बनाई गई है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की जीरो लाइन के निकट स्थित दरगाह बाबा चमलियाल में आगामी 25 जून को लगने वाले वार्षिक मेले को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण मिलकर विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए उपायुक्त सांबा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सांबा सहित अन्य अधिकारियों ने मेला स्थल का दौरा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं। अधिकारियों को बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी हरपाल सिंह ने कुरालियां से रामगढ़ जाने वाले मार्ग की खराब स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत जल्द करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर गांवों में भी मेले को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोग लंगरों की तैयारियों में जुटे हैं। लंगर के लिए लकड़ियां एकत्र की जा रही हैं, जबकि महिलाएं खाद्य सामग्री की सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग दे रही हैं।
कुल मिलाकर बाबा चमलियाल मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन, विभिन्न विभागों और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है। सभी लोग इस ऐतिहासिक और आस्था के प्रतीक मेले को सफल बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर योगदान दे रहे हैं।
वाक्स,
जीरो लाइन पर स्थित दरगाह हिंदू बाबा दलीप सिंह मन्हास की है जिसे बाबा चमलियाल के नाम से भी जाना जाता है। इस दरगाह में भारत पाक के श्रदालुओं की आस्था जुडी है। हिंदू और मुसलमान दोनों समुदाय के लोग बाबा को मानते आ रहे हैं।इस मेले को लेकर पाकिस्तान के सैदांबली गांव में भी रौनक है, एक सप्ताह तक मेले का आयोजन किया जाता है। वहां भी बाबा की मजार बनाई गई है।