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Jammu News: लोगों ने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की समस्याएं उठाईं
Thu, 14 May 2026 02:29 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 14 May 2026 02:29 AM IST
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सांबा। जिले के चचवाल विकसित गांव में ब्लाक दिवस पर लोग व अधिकारीस्रोत सूचना विभाग
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भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा है गांव चचवाल
आउटरीच प्रोग्राम सह ब्लॉक दिवस का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले की भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव चचवाल को गृह मंत्रालय ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के तहत रखा है। इसमें बुधवार को आउटरीच प्रोग्राम सह ब्लॉक दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी सांबा आयुषी सूदन ने की।
इस दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर गांव में आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में मौजूद विकास संबंधी कमियों का जायजा लिया। इस अवसर पर लोगों ने प्रशासन के समक्ष पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं से जुड़ीं समस्याएं रखीं।
उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उठाए गए मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। आयुषी सूदन ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए स्थानीय लोगों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और पूर्व पंचायती राज प्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन के साथ मिलकर गांव चचवाल को आत्मनिर्भर और विकसित सीमावर्ती गांव बनाने में सहयोग देने की अपील की।
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उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उपायुक्त ने नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे स्थानीय निवासियों और सीमा सुरक्षा बलों के साथ समन्वय बनाकर गांव चचवाल के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के तहत विस्तृत कार्य योजना तैयार करें। इस अवसर पर मुख्य योजना अधिकारी सांबा कस्तूरी लाल, एसडीएम घगवाल केजेएस बाली, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सांबा डॉ. विधि, मुख्य शिक्षा अधिकारी सांबा, विभिन्न विभागों के कार्यकारी अभियंता, तहसीलदार राजपुरा करणजीत सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीमावर्ती गांव चचवाल के पूर्व नायब सरपंच रंजीत सिंह ने बताया कि पलूरा गांव से चचवाल तक के मार्ग का दोहरीकरण किया जाए। सीमावर्ती गावों को जाने वाली बिजली लाइन में वर्ष 1976 में तार लगाए गए थे उन्हें बदला जाए। जल शक्ति विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के तहत पाइपें तो बिछाई गई हैं लेकिन पानी की आपूर्ति ही नहीं की गई है। ग्रामीणों को तारबंदी के आगे भूमि का मुआवजा दिया जाए। चचवाल गांव में खेल मैदान बनाए जाएं और डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जाएं।
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आउटरीच प्रोग्राम सह ब्लॉक दिवस का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले की भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव चचवाल को गृह मंत्रालय ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के तहत रखा है। इसमें बुधवार को आउटरीच प्रोग्राम सह ब्लॉक दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी सांबा आयुषी सूदन ने की।
इस दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर गांव में आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में मौजूद विकास संबंधी कमियों का जायजा लिया। इस अवसर पर लोगों ने प्रशासन के समक्ष पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं से जुड़ीं समस्याएं रखीं।
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उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उठाए गए मुद्दों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। आयुषी सूदन ने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए स्थानीय लोगों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों और पूर्व पंचायती राज प्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन के साथ मिलकर गांव चचवाल को आत्मनिर्भर और विकसित सीमावर्ती गांव बनाने में सहयोग देने की अपील की।
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उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया। उपायुक्त ने नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे स्थानीय निवासियों और सीमा सुरक्षा बलों के साथ समन्वय बनाकर गांव चचवाल के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के तहत विस्तृत कार्य योजना तैयार करें। इस अवसर पर मुख्य योजना अधिकारी सांबा कस्तूरी लाल, एसडीएम घगवाल केजेएस बाली, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सांबा डॉ. विधि, मुख्य शिक्षा अधिकारी सांबा, विभिन्न विभागों के कार्यकारी अभियंता, तहसीलदार राजपुरा करणजीत सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सीमावर्ती गांव चचवाल के पूर्व नायब सरपंच रंजीत सिंह ने बताया कि पलूरा गांव से चचवाल तक के मार्ग का दोहरीकरण किया जाए। सीमावर्ती गावों को जाने वाली बिजली लाइन में वर्ष 1976 में तार लगाए गए थे उन्हें बदला जाए। जल शक्ति विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के तहत पाइपें तो बिछाई गई हैं लेकिन पानी की आपूर्ति ही नहीं की गई है। ग्रामीणों को तारबंदी के आगे भूमि का मुआवजा दिया जाए। चचवाल गांव में खेल मैदान बनाए जाएं और डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जाएं।