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Jammu News: सैंपल से छेड़छाड़ के आरोपों में घिरे पूर्व एनसीबी हवलदार के खिलाफ होगी जांच, अदालत ने दी मंजूरी
Wed, 10 Jun 2026 02:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 10 Jun 2026 02:37 AM IST
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अदालत से
जांच पूरी करने की अवधि 90 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन की
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व हवलदार कुलदीप दीक्षित के खिलाफ दर्ज एनडीपीएस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने जांच एजेंसी को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति दे दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी करने की अवधि 90 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन कर दी है।
एनसीबी की ओर से अदालत में दायर आवेदन में कहा गया कि जांच के दौरान कुलदीप दीक्षित की कथित भूमिका से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार एनसीबी जम्मू में तैनाती के दौरान उसने जब्त किए गए मादक पदार्थों के नमूनों से छेड़छाड़ की। साथ ही अहम साक्ष्यों को प्रभावित किया और आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर एनडीपीएस मामलों के आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। जांच में यह दावा किया गया है कि उसके कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन और ट्रामाडोल की आठ कैप्सूल बरामद की गई थीं जिससे अवैध मादक पदार्थ गतिविधियों से उसके संबंधों के संकेत मिले हैं।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि विभागीय जांच में गंभीर कदाचार, पद के दुरुपयोग और केस प्रॉपर्टी में हेरफेर के आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद कुलदीप दीक्षित को 28 फरवरी 2026 को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और 2 मार्च 2026 को उसे गिरफ्तार किया गया। मामले की संवेदनशीलता और व्यापक प्रभाव को देखते हुए जांच रिकॉर्ड जम्मू जोनल यूनिट से दिल्ली जोनल यूनिट को स्थानांतरित किया गया। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अदालत ने कहा कि गंभीर अपराधों की सच्चाई सामने लाने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है और केवल प्रक्रियागत आधार पर जांच को रोका नहीं जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने जांच एजेंसी को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति प्रदान की।
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जांच पूरी करने की अवधि 90 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन की
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व हवलदार कुलदीप दीक्षित के खिलाफ दर्ज एनडीपीएस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने जांच एजेंसी को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति दे दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी करने की अवधि 90 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन कर दी है।
एनसीबी की ओर से अदालत में दायर आवेदन में कहा गया कि जांच के दौरान कुलदीप दीक्षित की कथित भूमिका से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी के अनुसार एनसीबी जम्मू में तैनाती के दौरान उसने जब्त किए गए मादक पदार्थों के नमूनों से छेड़छाड़ की। साथ ही अहम साक्ष्यों को प्रभावित किया और आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर एनडीपीएस मामलों के आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। जांच में यह दावा किया गया है कि उसके कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन और ट्रामाडोल की आठ कैप्सूल बरामद की गई थीं जिससे अवैध मादक पदार्थ गतिविधियों से उसके संबंधों के संकेत मिले हैं।
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जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि विभागीय जांच में गंभीर कदाचार, पद के दुरुपयोग और केस प्रॉपर्टी में हेरफेर के आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद कुलदीप दीक्षित को 28 फरवरी 2026 को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और 2 मार्च 2026 को उसे गिरफ्तार किया गया। मामले की संवेदनशीलता और व्यापक प्रभाव को देखते हुए जांच रिकॉर्ड जम्मू जोनल यूनिट से दिल्ली जोनल यूनिट को स्थानांतरित किया गया। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अदालत ने कहा कि गंभीर अपराधों की सच्चाई सामने लाने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है और केवल प्रक्रियागत आधार पर जांच को रोका नहीं जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने जांच एजेंसी को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति प्रदान की।
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