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Jammu News: वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में तीन लोगों को अग्रिम जमानत
Thu, 04 Jun 2026 02:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 04 Jun 2026 02:22 AM IST
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अदालत से
संवाद न्यूज़ एजेंसी
सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने विजयपुर थाने में दर्ज एक मामले में तीन लोगों को राहत देते हुए उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत को स्थायी कर दिया है। संबंधित पक्ष की महिला और उसके माता पिता ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और जांच अभी जारी है। पुलिस का तर्क था कि जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका है, इसलिए याचिका खारिज की जानी चाहिए।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि मामला एक परिवार के भीतर चल रहे वैवाहिक विवाद से जुड़ा है। शिकायतकर्ता पक्ष और आरोपी पक्ष के बीच रिश्तेदारी होने के कारण विवाद की पृष्ठभूमि भी न्यायालय के संज्ञान में लाई गई।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपों की वास्तविकता का परीक्षण जांच पूरी होने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा। इस स्तर पर किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को अनावश्यक रूप से बाधित नहीं किया जा सकता।
सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अदालत ने पूर्व में दी गई अंतरिम अग्रिम जमानत को स्थायी कर दिया। साथ ही संबंधित पक्षों को आवश्यक जमानती औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने विजयपुर थाने में दर्ज एक मामले में तीन लोगों को राहत देते हुए उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत को स्थायी कर दिया है। संबंधित पक्ष की महिला और उसके माता पिता ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और जांच अभी जारी है। पुलिस का तर्क था कि जमानत मिलने पर गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका है, इसलिए याचिका खारिज की जानी चाहिए।
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सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि मामला एक परिवार के भीतर चल रहे वैवाहिक विवाद से जुड़ा है। शिकायतकर्ता पक्ष और आरोपी पक्ष के बीच रिश्तेदारी होने के कारण विवाद की पृष्ठभूमि भी न्यायालय के संज्ञान में लाई गई।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपों की वास्तविकता का परीक्षण जांच पूरी होने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा। इस स्तर पर किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को अनावश्यक रूप से बाधित नहीं किया जा सकता।
सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अदालत ने पूर्व में दी गई अंतरिम अग्रिम जमानत को स्थायी कर दिया। साथ ही संबंधित पक्षों को आवश्यक जमानती औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।