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Jammu News: एनडीपीएस केस में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
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सांबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सांबा की अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपी गफूर अली निवासी रख बरोटियां, विजयपुर और जुमन दीन निवासी बसंत नगर उधमपुर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
कोर्ट ने साफ कहा कि यह अर्जी समय से पहले दाखिल की गई है। इसलिए इस पर विचार नहीं किया जा सकता।अदालत ने अपने आदेश में बताया कि सह-आरोपी अब्दुल रजाक की जमानत याचिका पहले ही जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 ए लागू है और ट्रायल कोर्ट को अभी यह तय करना है कि यह धारा बनती है या नहीं। ऐसे में आरोप तय होने या डिस्चार्ज पर निर्णय के बाद ही जमानत पर विचार किया जा सकता है।
इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट ने माना कि वर्तमान जमानत अर्जी समय से पूर्व दायर की गई है और इसे खारिज किया जाता है।
सुनवाई के दौरान राशिद अली के खिलाफ झूठी जानकारी देने की कार्रवाई पर भी विचार किया गया लेकिन अदालत ने इसे उचित नहीं माना। हालांकि कोर्ट ने चेतावनी दी कि भविष्य में बिना लिखित अधिकार के किसी के नाम पर अर्जी दाखिल न करें। अदालत ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए इसे मुख्य चालान का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए हैं।
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कोर्ट ने साफ कहा कि यह अर्जी समय से पहले दाखिल की गई है। इसलिए इस पर विचार नहीं किया जा सकता।अदालत ने अपने आदेश में बताया कि सह-आरोपी अब्दुल रजाक की जमानत याचिका पहले ही जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट खारिज कर चुका है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 ए लागू है और ट्रायल कोर्ट को अभी यह तय करना है कि यह धारा बनती है या नहीं। ऐसे में आरोप तय होने या डिस्चार्ज पर निर्णय के बाद ही जमानत पर विचार किया जा सकता है।
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इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट ने माना कि वर्तमान जमानत अर्जी समय से पूर्व दायर की गई है और इसे खारिज किया जाता है।
सुनवाई के दौरान राशिद अली के खिलाफ झूठी जानकारी देने की कार्रवाई पर भी विचार किया गया लेकिन अदालत ने इसे उचित नहीं माना। हालांकि कोर्ट ने चेतावनी दी कि भविष्य में बिना लिखित अधिकार के किसी के नाम पर अर्जी दाखिल न करें। अदालत ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए इसे मुख्य चालान का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए हैं।
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