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Jammu News: पांच वर्ष बाद थी रेलवे फ्रेट टर्मिनल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया
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सांबा। रेलवे स्टेशन के साथ बन रहे फ्रेट टर्मिनल का निर्माण पांच वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया। व्यापार और उद्योग को लाभ पहुंचाने के लिए व्यापारिक वस्तुओं, कच्चे और तैयार माल के आसान और सस्ते परिवहन की सुविधा के लिए फ्रेट टर्मिनल का काम वर्ष 2019 में शुरू किया गया था।
सांबा जिले के रेलवे स्टेशन के साथ इस टर्मिनल कर निर्माण किया जा रहा है, जो जम्मू-कश्मीर में अपनी तरह का पहला टर्मिनल होगा। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े विनोद सिंह, बलकार सिंह, जोगिन्दर सिंह व नितिन कुमार ने कहा कि इस फ्रेट टर्मिनल का निर्माण 2019 में जब शुरू किया गया था तो उन्हें उम्मीद जगी थी उनका भी कारोबार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों से कच्चा माल सांबा में आने के बाद ट्रकों और रोड ट्रांसपोर्ट के माध्यम से प्रदेश के अन्य हिस्सों में पहुंचाने की योजना थी। उन्होंने कहा कि लगभग पांच वर्ष से अधिक समय बीत चुका है लेकिन फ्रेट टर्मिनल चालू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि फ्रेट टर्मिनल को जल्द शुरू किया जाए ताकि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के साथ आम लोगों को भी रोज़गार के अवसर प्राप्त हो सकें।
अधिकारियों ने दौरा कर फ्रेट टर्मिनल के कार्य प्रगति का लिया था जायज़ा :
मुख्य परिवहन योजना प्रबंधक (सीटीपीएम) देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने कुछ वर्ष पूर्व सांबा स्टेशन का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया था। अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि टर्मिनल की क्षमता प्रतिदिन 6,000 से 9,000 मीट्रिक टन माल ले जाने की होगी। परियोजना का काम लगभग तीन से चार वर्ष के भीतर पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी, जो नहीं हो सका।
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सांबा जिले के रेलवे स्टेशन के साथ इस टर्मिनल कर निर्माण किया जा रहा है, जो जम्मू-कश्मीर में अपनी तरह का पहला टर्मिनल होगा। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े विनोद सिंह, बलकार सिंह, जोगिन्दर सिंह व नितिन कुमार ने कहा कि इस फ्रेट टर्मिनल का निर्माण 2019 में जब शुरू किया गया था तो उन्हें उम्मीद जगी थी उनका भी कारोबार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों से कच्चा माल सांबा में आने के बाद ट्रकों और रोड ट्रांसपोर्ट के माध्यम से प्रदेश के अन्य हिस्सों में पहुंचाने की योजना थी। उन्होंने कहा कि लगभग पांच वर्ष से अधिक समय बीत चुका है लेकिन फ्रेट टर्मिनल चालू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि फ्रेट टर्मिनल को जल्द शुरू किया जाए ताकि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के साथ आम लोगों को भी रोज़गार के अवसर प्राप्त हो सकें।
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अधिकारियों ने दौरा कर फ्रेट टर्मिनल के कार्य प्रगति का लिया था जायज़ा :
मुख्य परिवहन योजना प्रबंधक (सीटीपीएम) देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने कुछ वर्ष पूर्व सांबा स्टेशन का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया था। अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि टर्मिनल की क्षमता प्रतिदिन 6,000 से 9,000 मीट्रिक टन माल ले जाने की होगी। परियोजना का काम लगभग तीन से चार वर्ष के भीतर पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी, जो नहीं हो सका।
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