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Jammu News: हत्या के प्रयास के आरोपी को सशर्त जमानत
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सांबा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने घर में घुसकर हत्या के प्रयास मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए 50 हजार राशि या समान राशि का व्यक्तिगत बांड न्यायालय के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को जांच अधिकारी के समक्ष बुलाने पर उपस्थित रहने के साथ-साथ किसी भी तरीके से मामले के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित न करने का आदेश सुनाया है।
इसके साथ ही अभियुक्त को बिना न्यायालय की पूर्व अनुमति से न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने पर प्रतिबंध है। अगर आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है तो अभियोजन पक्ष जमानत को रद्द करने की मांग कर सकता है।
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पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी रोहित कुमार निवासी जोईआं कठार बिश्नाह पर शिकायतकर्ता के घर में घुसकर उस पर हमला करने का आरोप है। इसके बाद रामगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की थी।
आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और जमानत के लिए कोर्ट की सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है। लिहाजा उसे जमानत दी जाए। इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आरोपी द्वारा अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों की सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह पाया गया है कि अभियुक्त को हिरासत में रखने से जांच का कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
अभियोजन पक्ष द्वारा व्यक्त की गई आशंकाएं ठोस सामग्री और दलील द्वारा समर्थित नहीं हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत का आदेश दिया है।
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इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को जांच अधिकारी के समक्ष बुलाने पर उपस्थित रहने के साथ-साथ किसी भी तरीके से मामले के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित न करने का आदेश सुनाया है।
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इसके साथ ही अभियुक्त को बिना न्यायालय की पूर्व अनुमति से न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने पर प्रतिबंध है। अगर आरोपी किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है तो अभियोजन पक्ष जमानत को रद्द करने की मांग कर सकता है।
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पुलिस की ओर से कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी रोहित कुमार निवासी जोईआं कठार बिश्नाह पर शिकायतकर्ता के घर में घुसकर उस पर हमला करने का आरोप है। इसके बाद रामगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की थी।
आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और जमानत के लिए कोर्ट की सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है। लिहाजा उसे जमानत दी जाए। इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आरोपी द्वारा अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों की सुनवाई के उपरांत न्यायालय ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह पाया गया है कि अभियुक्त को हिरासत में रखने से जांच का कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
अभियोजन पक्ष द्वारा व्यक्त की गई आशंकाएं ठोस सामग्री और दलील द्वारा समर्थित नहीं हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत का आदेश दिया है।