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Jammu News: कारगिल युद्ध के दौरान अधिगृहित भूमि वापस करे सेना
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ज्यौड़ियां। सीमावर्ती पलांवाला क्षेत्र के रिटायर्ड सैनिकों ने सीमावर्ती गांव पलांवाला, छन्नी दिवानू, भगवान चक्क, पंजतूत तथा पलातन आदि के किसानों की कारगिल युद्ध के दौरान अधिगृहित की गई उपजाऊ भूमि को वापस करने या भूमि के मुआवजे की मांग की गई। यहा मांग सीमावर्ती पलांवाला क्षेत्र में सेना की तरफ विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई।
पलांवाला निवासी रिटायर्ड नायब सुबेदार गुलबदन सिंह ने सेना के अधिकारियों को बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान सेना ने प्रशासन के सहयोग से डिफेंस मजबूत करने के लिए किसानों की उपजाऊ भूमि अधिगृहित की थी। किसानों को आश्वासन दिया था कि जब तक भूमि सेना के पास रहेगी उसका किसानों को मुआवजा और सीमा पर शांति होने के बाद अधिकृत भूमि किसानों को वापस सौंप दी जाएगी। युद्ध के 26 साल बीत जाने के बाद भी किसानों को न ही भूमि का मुआवजा मिला और न ही भुमि।
सेना के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले पर सिविल प्रशासन के साथ चर्चा की जाएगी। वहीं रिटायर्ड सैनिकों ने बताया कुछ किसान ऐसे हैं जिनके पास खेतीबाड़ी करने के लिए भूमि का एक मरला तक भी नही है। इसके बावजूद भी किसानों को भूमि वापस नहीं की जा रही है।
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पलांवाला निवासी रिटायर्ड नायब सुबेदार गुलबदन सिंह ने सेना के अधिकारियों को बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान सेना ने प्रशासन के सहयोग से डिफेंस मजबूत करने के लिए किसानों की उपजाऊ भूमि अधिगृहित की थी। किसानों को आश्वासन दिया था कि जब तक भूमि सेना के पास रहेगी उसका किसानों को मुआवजा और सीमा पर शांति होने के बाद अधिकृत भूमि किसानों को वापस सौंप दी जाएगी। युद्ध के 26 साल बीत जाने के बाद भी किसानों को न ही भूमि का मुआवजा मिला और न ही भुमि।
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सेना के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले पर सिविल प्रशासन के साथ चर्चा की जाएगी। वहीं रिटायर्ड सैनिकों ने बताया कुछ किसान ऐसे हैं जिनके पास खेतीबाड़ी करने के लिए भूमि का एक मरला तक भी नही है। इसके बावजूद भी किसानों को भूमि वापस नहीं की जा रही है।
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