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Jammu News: आरएस पुरा उपजिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, मरीज हो रहे परेशान
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आरएस पुरा। उप जिला अस्पताल आरएस पुरा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से उपचार करवाने के लिए आने वाले रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में नाक, कान, चमड़ी व सर्जन विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवा उपलब्ध नहीं है। एमरजेंसी में रात को एक ही डॉक्टर की सेवा उपलब्ध होने पर यहां आने वाले रोगियों का सही उपचार नहीं हो रहा। ओपीडी का समय चार बजे तक होने पर रात को विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा नहीं मिलने पर लोगों को गैर सरकारी अस्पताल में जाकर उपचार करवाना पड़ता है। चार बजे के बाद अगर किसी रोगी का टेस्ट करवाना हो तो बाजार में जाना पड़ता है। अस्पताल में सुविधा तो है पर डाॅक्टर नहीं होने पर दिक्कत होने पर अन्य जगह जाकर उपचार करवाना पड़ता है।
उपचार के लिए अस्पताल में आए इन्द्रजीत का कहना है कि दांतों के डॉक्टर भी शाम चार बजे के बाद उपलब्ध नहीं होते हैं। दर्शन चौहान का कहना है कि रात के समय कोई दुर्घटना घटने पर अधिकतर लोगो को प्राथमिक उपचार के बाद जम्मू मेडिकल कॉलेज में भेजा जाता है। अस्पताल में ब्लड बैंक न होने पर कई बार लोगों को जान तक गंवानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि तीन विधानसभा के अधीन ढाई लाख लोगों की आबादी होने पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल खुद बीमार होने पर लोगों को कैसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
भारत भूषण का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे दो डाॅक्टरों को नियुक्त किया जाए ताकि उपचार करवाए जाने के लिए यहां पहुंचने वाले रोगियों को हो रही दिक्कतों से राहत मिल सके।
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कोट
सर्जन डॉक्टर के स्थानांतरण होने पर पद खाली पड़ा है।नाक, कान व चमड़ी रोग की पोस्ट नहीं होने पर दिक्कत है, जिसके लिए विभाग को लिखा गया है।
-डॉ. मोनिका कोतवाल, मेडिकल अधिकारी, आरएस पुरा ब्लॉक
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उपचार के लिए अस्पताल में आए इन्द्रजीत का कहना है कि दांतों के डॉक्टर भी शाम चार बजे के बाद उपलब्ध नहीं होते हैं। दर्शन चौहान का कहना है कि रात के समय कोई दुर्घटना घटने पर अधिकतर लोगो को प्राथमिक उपचार के बाद जम्मू मेडिकल कॉलेज में भेजा जाता है। अस्पताल में ब्लड बैंक न होने पर कई बार लोगों को जान तक गंवानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि तीन विधानसभा के अधीन ढाई लाख लोगों की आबादी होने पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल खुद बीमार होने पर लोगों को कैसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
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भारत भूषण का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे दो डाॅक्टरों को नियुक्त किया जाए ताकि उपचार करवाए जाने के लिए यहां पहुंचने वाले रोगियों को हो रही दिक्कतों से राहत मिल सके।
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कोट
सर्जन डॉक्टर के स्थानांतरण होने पर पद खाली पड़ा है।नाक, कान व चमड़ी रोग की पोस्ट नहीं होने पर दिक्कत है, जिसके लिए विभाग को लिखा गया है।
-डॉ. मोनिका कोतवाल, मेडिकल अधिकारी, आरएस पुरा ब्लॉक