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प्रदेश में आज से 75 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक कैरी बैग प्रतिबंधित
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जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 1 अक्तूबर से 75 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक कैरी बैग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब 75 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग के उत्पादन, बिक्री और उपयोग की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ 60 ग्राम प्रति वर्ग मीटर (जीएसएम) से कम गैर बुने प्लास्टिक कैरी बैग को भी प्रतिबंधित किया गया है। शुक्रवार से प्लास्टिक उत्पादन इकाइयों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसमें निर्धारित नई तिथि से 50 माइक्रोन से कम उत्पादन के किसी स्टाक को रखने की इजाजत नहीं होगी।
जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से प्लास्टिक उत्पादन इकाइयों को संशोधित नियम के तहत शुक्रवार से 50 माइक्रोन के बजाय 75 माइक्रोन मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन करने के आदेश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं को सचेत करने के लिए प्रत्येक प्लास्टिक कैरी बैग और गैर बुने हुए कैरी बैग में नियमानुसार निर्माता आदि के नाम के साथ क्रमश: 75 माइक्रोन या अधिक मोटाई और 60 जीएसएम की मुहर होनी चाहिए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सईद नदीम हुसैन ने कहा कि 1 अक्तूबर से किसी भी इकाई को निर्धारित मात्रा से कम माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन नहीं करने दिया जाएगा। विभागीय स्तर पर टीमों का गठन करके संबंधित इकाइयों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि निर्धारित मात्रा से कम माइक्रोन प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन न हो। बाजार में पहले से सप्लाई किया जा चुका 50 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग के स्टाक को निकालने की छूट होगी। वह 1 अक्तूबर से पूर्व का उत्पादन होना चाहिए।
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उन्होंने आम लोगों से अपील की कि 75 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक कैरी बैग और 60 जीएसएम से नीचे के गैर बुने प्लास्टिक कैरी बैग की खरीद और उपयोग न करें, ये प्रदेश और उनके हित में है। इससे स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त जम्मू-कश्मीर का विस्तार होगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर प्लास्टिक मैन्युफेक्चरर एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन पवन शास्त्री ने कहा कि शुक्रवार से संबंधित इकाइयों में 75 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग का ही उत्पादन किया जाएगा, लेकिन पहले से उत्पादित बाजार में उपलब्ध 50 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग के स्टाक को निकालने के लिए प्रदूषण कंट्रोल विभाग से अपील की गई है।
बाजारों में धड़ल्ले से 50 माइक्रोन से भी कम के प्लास्टिक बैग का उपयोग
सरकार भले ही प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए 50 से बढ़ाकर 75 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन कराने जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं। 50 से कम माइक्रोन के पतले प्लास्टिक कैरी बैग के उत्पादन का गोरखधंधा जारी है। बाजार में 50 से कम माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग की बिक्री और उपयोग दोनों हो रहे हैं। सब्जी मंडी, प्रतिष्ठानों सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम वस्तुओं को ऐसे प्लास्टिक कैरी बैग में डालकर दिया जा रहा है। लोगों में भी कम माइक्रोन के बैग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
विभागीय कार्रवाई कागजों तक सीमित
प्रतिबंधित 50 से कम माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग की पकड़ और जुर्माने के लिए दर्जन से अधिक विभागों और अन्य लोगों को अधिकार दिए गए हैं। इसमें फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, बीडीओ, तहसीलदार, डीएसपी, एसएसपी, पर्यटन विकास प्राधिकरण आदि शामिल हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उक्त प्लास्टिक कैरी बैग के जुर्माने और पकड़ कागजों तक ही सीमित है।
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जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से प्लास्टिक उत्पादन इकाइयों को संशोधित नियम के तहत शुक्रवार से 50 माइक्रोन के बजाय 75 माइक्रोन मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन करने के आदेश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं को सचेत करने के लिए प्रत्येक प्लास्टिक कैरी बैग और गैर बुने हुए कैरी बैग में नियमानुसार निर्माता आदि के नाम के साथ क्रमश: 75 माइक्रोन या अधिक मोटाई और 60 जीएसएम की मुहर होनी चाहिए।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सईद नदीम हुसैन ने कहा कि 1 अक्तूबर से किसी भी इकाई को निर्धारित मात्रा से कम माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन नहीं करने दिया जाएगा। विभागीय स्तर पर टीमों का गठन करके संबंधित इकाइयों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसमें देखा जाएगा कि निर्धारित मात्रा से कम माइक्रोन प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन न हो। बाजार में पहले से सप्लाई किया जा चुका 50 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग के स्टाक को निकालने की छूट होगी। वह 1 अक्तूबर से पूर्व का उत्पादन होना चाहिए।
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उन्होंने आम लोगों से अपील की कि 75 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक कैरी बैग और 60 जीएसएम से नीचे के गैर बुने प्लास्टिक कैरी बैग की खरीद और उपयोग न करें, ये प्रदेश और उनके हित में है। इससे स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त जम्मू-कश्मीर का विस्तार होगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर प्लास्टिक मैन्युफेक्चरर एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन पवन शास्त्री ने कहा कि शुक्रवार से संबंधित इकाइयों में 75 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग का ही उत्पादन किया जाएगा, लेकिन पहले से उत्पादित बाजार में उपलब्ध 50 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग के स्टाक को निकालने के लिए प्रदूषण कंट्रोल विभाग से अपील की गई है।
बाजारों में धड़ल्ले से 50 माइक्रोन से भी कम के प्लास्टिक बैग का उपयोग
सरकार भले ही प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए 50 से बढ़ाकर 75 माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग का उत्पादन कराने जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं। 50 से कम माइक्रोन के पतले प्लास्टिक कैरी बैग के उत्पादन का गोरखधंधा जारी है। बाजार में 50 से कम माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग की बिक्री और उपयोग दोनों हो रहे हैं। सब्जी मंडी, प्रतिष्ठानों सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम वस्तुओं को ऐसे प्लास्टिक कैरी बैग में डालकर दिया जा रहा है। लोगों में भी कम माइक्रोन के बैग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
विभागीय कार्रवाई कागजों तक सीमित
प्रतिबंधित 50 से कम माइक्रोन के प्लास्टिक कैरी बैग की पकड़ और जुर्माने के लिए दर्जन से अधिक विभागों और अन्य लोगों को अधिकार दिए गए हैं। इसमें फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, बीडीओ, तहसीलदार, डीएसपी, एसएसपी, पर्यटन विकास प्राधिकरण आदि शामिल हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उक्त प्लास्टिक कैरी बैग के जुर्माने और पकड़ कागजों तक ही सीमित है।