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Jammu News: न अधिकारियों का तबादला कर सकता हूं, न ही तैनाती, वे क्यों मेरी बात सुनेंगे
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जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेश की स्थिति पर कहा कि न तो मैं अधिकारियों का तबादला कर सकता हूं और न ही तैनाती। जाहिर सी बात है कि वे क्यों मेरी बात सुनेंगे। जिनके पास शक्ति है, उनकी बात सुनेंगे। फिर भी सरकार को काम करवाना है। वो हम करवा रहे हैं और लोगों को फायदा हो रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद में गिरावट आई है। इसका उदाहरण है कि सरकार ने हर साल आतंकवाद कम होने के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। सरकार ने हमेशा आतंकवाद को कम करने के लिए काम किया है। जहां तक अनुच्छेद 370 का सवाल है। एकदम कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसने सोचा था कि राम मंदिर बनेगा, अनुच्छेद 370 टूटेगा। केंद्र से बहाली के लिए बात चल रही है। रियासत बहाली का आश्वासन मिला है। बहाली की उम्मीद की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आने वाला समय बेहतर होगा। मगर, एकदम कुछ नहीं होने वाला है। इस पर समय लगेगा। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदल रही हैं। जम्मू के लोगों को उनका हक मिलेगा। संघर्ष किया जा रहा है।
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सीएम ने कहा कि मैं छह बार मुख्यमंत्री बना। इस बार परिस्थितियां अलग हैं। इस माहौल में लोगों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। पहले शक्ति सरकार के पास होती थी। सरकार के नियंत्रण में अधिकारी होते थे। ऐसे में लोगों के काम समय पर होते थे।
बार-बार गृहमंत्री से मिलने के सवाल पर कहा कि प्रदेश के मसलों को रखना मेरा कर्त्तव्य है। गृहमंत्री की ओर से मसलों को हल किया जा रहा है। प्रदेश हित के लिए मिलना जरूरी है। पहले भी हकुमत में रहते हुए कई बार गृह मंत्रियों से मिला हूं।
प्रदेश के बजट पर बोले, सरकार के रिश्ते केंद्र के साथ अच्छे हैं। झगड़े की कोई गुजाइंश नहीं है। समय पर बजट मिल रहा है। मैं क्यों झगड़ा करूं। केंद्र न तो प्रदेश का बजट रोक रहा है। रियासत देने की बात कही जा रही है। सब कुछ परिस्थितियों के हिसाब से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को एक साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए था। चाहे दिल्ली हो या फिर अन्य प्रदेश। तभी जीत पक्की हो सकती थी। दिल्ली में भी विपक्ष कमजोर रहा। ऐसे में भाजपा की सरकार बनी मगर प्रदेश को मैंने बचाया। सबको एकजुट किया है। दिल्ली में भी आप और कांग्रेस को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए था।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद में गिरावट आई है। इसका उदाहरण है कि सरकार ने हर साल आतंकवाद कम होने के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। सरकार ने हमेशा आतंकवाद को कम करने के लिए काम किया है। जहां तक अनुच्छेद 370 का सवाल है। एकदम कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसने सोचा था कि राम मंदिर बनेगा, अनुच्छेद 370 टूटेगा। केंद्र से बहाली के लिए बात चल रही है। रियासत बहाली का आश्वासन मिला है। बहाली की उम्मीद की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि आने वाला समय बेहतर होगा। मगर, एकदम कुछ नहीं होने वाला है। इस पर समय लगेगा। धीरे-धीरे परिस्थितियां बदल रही हैं। जम्मू के लोगों को उनका हक मिलेगा। संघर्ष किया जा रहा है।
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सीएम ने कहा कि मैं छह बार मुख्यमंत्री बना। इस बार परिस्थितियां अलग हैं। इस माहौल में लोगों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। पहले शक्ति सरकार के पास होती थी। सरकार के नियंत्रण में अधिकारी होते थे। ऐसे में लोगों के काम समय पर होते थे।
बार-बार गृहमंत्री से मिलने के सवाल पर कहा कि प्रदेश के मसलों को रखना मेरा कर्त्तव्य है। गृहमंत्री की ओर से मसलों को हल किया जा रहा है। प्रदेश हित के लिए मिलना जरूरी है। पहले भी हकुमत में रहते हुए कई बार गृह मंत्रियों से मिला हूं।
प्रदेश के बजट पर बोले, सरकार के रिश्ते केंद्र के साथ अच्छे हैं। झगड़े की कोई गुजाइंश नहीं है। समय पर बजट मिल रहा है। मैं क्यों झगड़ा करूं। केंद्र न तो प्रदेश का बजट रोक रहा है। रियासत देने की बात कही जा रही है। सब कुछ परिस्थितियों के हिसाब से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को एक साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए था। चाहे दिल्ली हो या फिर अन्य प्रदेश। तभी जीत पक्की हो सकती थी। दिल्ली में भी विपक्ष कमजोर रहा। ऐसे में भाजपा की सरकार बनी मगर प्रदेश को मैंने बचाया। सबको एकजुट किया है। दिल्ली में भी आप और कांग्रेस को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए था।