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Jammu News: ऐसी सफाई...नहर हो गई गायब
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शाहपुर में बंद पड़ी नहर। संवाद
- फोटो : jammu news
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जम्मू। बिश्नाह ब्लॉक के रतनाल से नंदपुर गांव तक करीब 10 किमी तक रणबीर नहर किसानों को खोजे नहीं मिल रही है। एक दशक से 25 गांवों के किसान ट्यूबवेल या बारिश के पानी के भरोसे खेती कर रहे हैं। भले ही जमीन पर किसानों को न दिखाई दे रही हो, पर इसकी सफाई के नाम पर सालाना दो से तीन लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। किसान सिंचाई विभाग की इस ''''''''सफाई'''''''' से हैरान हैं। मजेदार बात तो यह है कि एक बार फिर सफाई के लिए टेंडर हो चुका है।
कभी बाॅर्डर इलाकों में रणबीर नहर के पानी से खेत तर होते थे। एक दशक पहले रतनाल में पुल बनने के बाद पीछे के मुकाबले आगे नहर का लेवल ऊंचा हो गया। इससे पानी आगे जाना बंद हो गया। वर्षों तक यही हालात रहने से नहर मिट्टी से पट गई। नंदपुर, चक ज्वाहर, शाहपुर सहित कई जगहों पर तो नहर के नाम पर सिर्फ झाड़ियां हैं। भले ही 10 किमी तक नहर का अस्तित्व लगभग खत्म हो गया हो, इसकी कागजों पर सफाई जारी है। सिंचाई विभाग का रिकॉर्ड बताता है कि बीते दस साल में इस काम पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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तीन-चार सौ रुपये खर्च होते थे नहर से सिंचाई पर, अब खर्च करने पड़ रहे पांच-छह हजार रुपये
नहर की हालत पर मंगाल गांव के किसान विजय सिंह ठाकुर कहते हैं, दस साल हो गए, हमने नहर में पानी नहीं देखा। सिंचाई विभाग ने नहर को शुरू कराने की कोई पहल नहीं की। गांव के ही रूप लाल शर्मा बताते हैं कि जब तक नहर थी हमें सिंचाई पर सालाना तीन से चार सौ रुपये ही खर्च करने पड़ते थे। अब ट़्यूबवेल का बिल पांच से छह हजार रुपये अदा करना पड़ रहा है। वह बताते हैं कि उनके आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से ज्यादा ट्यूबवेल लग चुके हैं।
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-शाहपुर के पूर्व सरपंच रघुनंद खजुरिया बताते हैं कि नहर बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। इसकी सफाई के नाम पर भी हर साल खर्च होते हैं। कागजी सफाई के कारण बीस हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि की सिंचाई अब ट्यूबवेल से होती है। यह मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इसकी बाहरी एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
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फैक्ट फाइल
32 किलोमीटर लंबी है रणबीर नहर।
10 किलोमीटर इलाके में मिट्टी पटने और झाड़ियों की वजह से नहर गायब हो चुकी है।
20 हजार से ज्यादा किसान सिंचाई के लिए ट्यूबवेल के सहारे।
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इन गांवों के किसान परेशान
रतनाल, शाहपुर, मंगाल, चक चिमना, नंदपुर, नंदकैंप, रिहाल, सिबू चक, वुमनाल, शेदगढ़, नंदरोल, मुजफरपुर, मंजुआ सहित 25 से ज्यादा गांवों में खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
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पहले पैसे की कमी थी, इसलिए आई समस्या
नहरों की सफाई का काम शुरू होने वाला है। अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाएगा। रतनाल से नंदपुर गांव तक नहर का निरीक्षण कर समस्या दूर की जाएगी। पहले फंड की कमी के कारण समस्या आती थी।
- बोध राज, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग
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कभी बाॅर्डर इलाकों में रणबीर नहर के पानी से खेत तर होते थे। एक दशक पहले रतनाल में पुल बनने के बाद पीछे के मुकाबले आगे नहर का लेवल ऊंचा हो गया। इससे पानी आगे जाना बंद हो गया। वर्षों तक यही हालात रहने से नहर मिट्टी से पट गई। नंदपुर, चक ज्वाहर, शाहपुर सहित कई जगहों पर तो नहर के नाम पर सिर्फ झाड़ियां हैं। भले ही 10 किमी तक नहर का अस्तित्व लगभग खत्म हो गया हो, इसकी कागजों पर सफाई जारी है। सिंचाई विभाग का रिकॉर्ड बताता है कि बीते दस साल में इस काम पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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तीन-चार सौ रुपये खर्च होते थे नहर से सिंचाई पर, अब खर्च करने पड़ रहे पांच-छह हजार रुपये
नहर की हालत पर मंगाल गांव के किसान विजय सिंह ठाकुर कहते हैं, दस साल हो गए, हमने नहर में पानी नहीं देखा। सिंचाई विभाग ने नहर को शुरू कराने की कोई पहल नहीं की। गांव के ही रूप लाल शर्मा बताते हैं कि जब तक नहर थी हमें सिंचाई पर सालाना तीन से चार सौ रुपये ही खर्च करने पड़ते थे। अब ट़्यूबवेल का बिल पांच से छह हजार रुपये अदा करना पड़ रहा है। वह बताते हैं कि उनके आसपास के क्षेत्रों में दो हजार से ज्यादा ट्यूबवेल लग चुके हैं।
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-शाहपुर के पूर्व सरपंच रघुनंद खजुरिया बताते हैं कि नहर बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। इसकी सफाई के नाम पर भी हर साल खर्च होते हैं। कागजी सफाई के कारण बीस हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि की सिंचाई अब ट्यूबवेल से होती है। यह मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इसकी बाहरी एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
फैक्ट फाइल
32 किलोमीटर लंबी है रणबीर नहर।
10 किलोमीटर इलाके में मिट्टी पटने और झाड़ियों की वजह से नहर गायब हो चुकी है।
20 हजार से ज्यादा किसान सिंचाई के लिए ट्यूबवेल के सहारे।
इन गांवों के किसान परेशान
रतनाल, शाहपुर, मंगाल, चक चिमना, नंदपुर, नंदकैंप, रिहाल, सिबू चक, वुमनाल, शेदगढ़, नंदरोल, मुजफरपुर, मंजुआ सहित 25 से ज्यादा गांवों में खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
पहले पैसे की कमी थी, इसलिए आई समस्या
नहरों की सफाई का काम शुरू होने वाला है। अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाएगा। रतनाल से नंदपुर गांव तक नहर का निरीक्षण कर समस्या दूर की जाएगी। पहले फंड की कमी के कारण समस्या आती थी।
- बोध राज, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग