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विशेष दर्जा के प्रस्ताव पर मुझे जयचंद कहा गया, ये मांग हर नागरिक की है : चौधरी
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में विशेष दर्जा बहाली का प्रस्ताव लाने पर कुछ लोगों ने मुझे जम्मू का जयचंद और गद्दार कहा। आज मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि विशेष दर्जे की मांग किसी एक पार्टी (नेकां) की नहीं, जम्मू-कश्मीर के हर हिंदू, मुस्लमान, सिख, ईसाई, किसान, मजदूर, उद्योगपतियों की है। यहां का हर नगारिक चाहता है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिले। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने ये बातें सोमवार को नेकां कार्यालय जम्मू में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गृहमंत्री ने संसद में आश्वासन दिया था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की जमीन व नौकरी पर सिर्फ उनका हक रहेगा। हमने विस में विशेष दर्जे का प्रस्ताव लाकर क्या गलत किया। मुझे गर्व है कि विधानसभा में विशेष दर्जे की बहाली का प्रस्ताव लाने का मौका मिला और वह पास भी हुआ। देश में 11 राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा मिला है। हमारी मांग फिर गलत क्यों हो सकती है।
भाजपा नेताओं के नार्को टेस्ट में सच्चाई सामने आएगी
भाजपा के विधायकों पर कटाक्ष करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकार छीने हैं। हमें उम्मीद थी कि भाजपा के विधायक प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, लेकिन उन्होंने विरोध किया। अगर इनका नार्को टेस्ट करवाया जाए तो वो भी दिल से चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर की भूमि और नौकरी पर यहां के लोगों का अधिकार हो। लेकिन उन्हें ऊपर से आदेश मिलता है, उनको मिलने वाला ये आदेश प्रदेश की नस्लें बर्बाद कर देगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर व्यक्ति की चाहत है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिले।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद यह पूरा दरबार मूव तो नहीं है, लेकिन फिर भी हमने अपना कामकाज शुरू किया। उन्होंने कहा डॉ. फारूक अब्दुल्ला के आदेश पर मुझे और मंत्री सतीश शर्मा को निर्देश मिला कि वह जम्मू में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलें।
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लोगों की सरकार से बड़ी उम्मीदें
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छह साल बाद जम्मू में सरकार आई है। पहले सचिवालय में बैठने वाले अधिकारियों से आम लोगों के लिए मिलना बड़ा मुश्किल होता था। जब श्रीनगर में सचिवालय शुरू हुआ तो हर मंत्री के कार्यालय के बाहर प्रतिदिन लोगों का तांता लगा रहता है। लोगों को उम्मीद है कि अब उनके काम होंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र की कार्यवाही देश और दुनिया ने देखी। विधानसभा में हमने लोगों के किए वादों को पूरा करने की तरफ कदम उठाया।
भाजपा नेता राज्य का दर्जा चाहते, लेकिन कहने से डरते हैं : सतीश शर्मा
कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि 1975-1976 में मेरे पिता मदन लाल शर्मा ने नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधि के रूप में अपना राजनीतिक कॅरिअर शुरू किया था, हालांकि 1989 में वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2020 तक कांग्रेस के साथ रहे। उन्होंने जम्मू संभाग में एक दर्जन से ज्यादा नेता बनाए।
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि राज्य का दर्जा बहाल हो, लेकिन कहने से डरते हैं। मंत्री ने कहा कि जम्मू संभाग को पहली बार उसका हक मिला है। उमर सरकार में तीन मंत्री जम्मू संभाग से हैं जबकि दो मंत्री कश्मीर संभाग से हैं। 11 साल की कमियों को दूर करने में 11 महीने का समय तो लगेगा। 25 साल तक कांग्रेस का कार्यकर्ता रहा। अब मेरी जितनी भी उम्र बची है, मैं उमर अब्दुल्ला के साथ रहूंगा। जम्मू-कश्मीर को जल्द राज्य का दर्जा बहाल होगा।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गृहमंत्री ने संसद में आश्वासन दिया था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की जमीन व नौकरी पर सिर्फ उनका हक रहेगा। हमने विस में विशेष दर्जे का प्रस्ताव लाकर क्या गलत किया। मुझे गर्व है कि विधानसभा में विशेष दर्जे की बहाली का प्रस्ताव लाने का मौका मिला और वह पास भी हुआ। देश में 11 राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा मिला है। हमारी मांग फिर गलत क्यों हो सकती है।
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भाजपा नेताओं के नार्को टेस्ट में सच्चाई सामने आएगी
भाजपा के विधायकों पर कटाक्ष करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकार छीने हैं। हमें उम्मीद थी कि भाजपा के विधायक प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, लेकिन उन्होंने विरोध किया। अगर इनका नार्को टेस्ट करवाया जाए तो वो भी दिल से चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर की भूमि और नौकरी पर यहां के लोगों का अधिकार हो। लेकिन उन्हें ऊपर से आदेश मिलता है, उनको मिलने वाला ये आदेश प्रदेश की नस्लें बर्बाद कर देगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर व्यक्ति की चाहत है कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिले।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद यह पूरा दरबार मूव तो नहीं है, लेकिन फिर भी हमने अपना कामकाज शुरू किया। उन्होंने कहा डॉ. फारूक अब्दुल्ला के आदेश पर मुझे और मंत्री सतीश शर्मा को निर्देश मिला कि वह जम्मू में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलें।
लोगों की सरकार से बड़ी उम्मीदें
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छह साल बाद जम्मू में सरकार आई है। पहले सचिवालय में बैठने वाले अधिकारियों से आम लोगों के लिए मिलना बड़ा मुश्किल होता था। जब श्रीनगर में सचिवालय शुरू हुआ तो हर मंत्री के कार्यालय के बाहर प्रतिदिन लोगों का तांता लगा रहता है। लोगों को उम्मीद है कि अब उनके काम होंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र की कार्यवाही देश और दुनिया ने देखी। विधानसभा में हमने लोगों के किए वादों को पूरा करने की तरफ कदम उठाया।
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कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि 1975-1976 में मेरे पिता मदन लाल शर्मा ने नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधि के रूप में अपना राजनीतिक कॅरिअर शुरू किया था, हालांकि 1989 में वह कांग्रेस में शामिल हुए और 2020 तक कांग्रेस के साथ रहे। उन्होंने जम्मू संभाग में एक दर्जन से ज्यादा नेता बनाए।
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि राज्य का दर्जा बहाल हो, लेकिन कहने से डरते हैं। मंत्री ने कहा कि जम्मू संभाग को पहली बार उसका हक मिला है। उमर सरकार में तीन मंत्री जम्मू संभाग से हैं जबकि दो मंत्री कश्मीर संभाग से हैं। 11 साल की कमियों को दूर करने में 11 महीने का समय तो लगेगा। 25 साल तक कांग्रेस का कार्यकर्ता रहा। अब मेरी जितनी भी उम्र बची है, मैं उमर अब्दुल्ला के साथ रहूंगा। जम्मू-कश्मीर को जल्द राज्य का दर्जा बहाल होगा।