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Jammu News: दीवारों पर पेंटिंग पर 5 करोड़ खर्चे, बारिश में हो गई खराब, एलजी जांच करवाएं
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जम्मू। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हो रहे कार्यों से शहर की सुंदरता बढ़नी थी, लेकिन तस्वीर कुछ ओर ही ब्यां कर रही है। अब शहर का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। शहर की दीवारों पर पेंटिंग पर 5 करोड़ खर्च किए गए, लेकिन बारिश में खराब हो गई। एलजी कमेटी का गठन कर इसकी जांच करवाए। यह बात डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री गुलचैन सिंह चाढ़क ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टों के काम पूरे हो चुके हैं। इससे शहर सुंदर दिखना चाहिए था, लेकिन खूबसूरती कहीं दिख नहीं रही है। सभा की ओर से खुद भी सर्वे किया गया है। पाया गया कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर धन को बर्बाद कर लोगों के साथ मजाक किया है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से पता चलता है कि दीवारें और खंभों पर पेंटिंग पर 5 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। कुल 256642 वर्ग फुट क्षेत्र को कवर किया गया है। अब पेंटिंग खराब हो गई है। कुछ जगहों में सामने आया कि दीवारों से सीमेंट अलग हो रहा है तो कहीं पर रंग रोगन सही तरीके से नहीं हुआ है। पेटिंग के माध्यम से डोगरा संस्कृति को बढ़ावा देना था। ऐसा नहीं हो पाया। काम भी प्रदेश के बाहर के पेंटरों को दिया गया। कुल तीन में से दो पेंटर बाहर के हैं।
उन्होंने कहा कि पुराने शहर के कई हिस्से दयनीय हालत में हैं। रघुनाथ बाजार और राजा जंबू लोचन का स्मारक जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र शहर के मध्य में श्री रणबीरेश्वर मंदिर के पास स्थित हैं, जिन पर काम बीच में रुका हुआ है। मौजूदा समय में बाबा बर्फानी और माता वैष्णो देवी के श्रद्धालु आ रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी जम्मू नेताओं और अन्य प्रमुख डोगरा से भी अपील की कि शहर के इतिहास को बचाए और मिलजुल कर आवाज उठाएं। अंत में कर्नल करण सिंह, अमंत अली शाह, गंभीर देव सिंह चाढ़क और डा. विद्या सागर शर्मा मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टों के काम पूरे हो चुके हैं। इससे शहर सुंदर दिखना चाहिए था, लेकिन खूबसूरती कहीं दिख नहीं रही है। सभा की ओर से खुद भी सर्वे किया गया है। पाया गया कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर धन को बर्बाद कर लोगों के साथ मजाक किया है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से पता चलता है कि दीवारें और खंभों पर पेंटिंग पर 5 करोड़ 28 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। कुल 256642 वर्ग फुट क्षेत्र को कवर किया गया है। अब पेंटिंग खराब हो गई है। कुछ जगहों में सामने आया कि दीवारों से सीमेंट अलग हो रहा है तो कहीं पर रंग रोगन सही तरीके से नहीं हुआ है। पेटिंग के माध्यम से डोगरा संस्कृति को बढ़ावा देना था। ऐसा नहीं हो पाया। काम भी प्रदेश के बाहर के पेंटरों को दिया गया। कुल तीन में से दो पेंटर बाहर के हैं।
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उन्होंने कहा कि पुराने शहर के कई हिस्से दयनीय हालत में हैं। रघुनाथ बाजार और राजा जंबू लोचन का स्मारक जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र शहर के मध्य में श्री रणबीरेश्वर मंदिर के पास स्थित हैं, जिन पर काम बीच में रुका हुआ है। मौजूदा समय में बाबा बर्फानी और माता वैष्णो देवी के श्रद्धालु आ रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी जम्मू नेताओं और अन्य प्रमुख डोगरा से भी अपील की कि शहर के इतिहास को बचाए और मिलजुल कर आवाज उठाएं। अंत में कर्नल करण सिंह, अमंत अली शाह, गंभीर देव सिंह चाढ़क और डा. विद्या सागर शर्मा मौजूद रहे।
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