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अखनूर में सुरंग बनने से पुंछ जाने वालों का आठ किमी सफर हो जाएगा कम
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अखनूर। अखनूर से पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग-144ए पर कस्बे के चौकी-चोहरा में बन रही सुरंग दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी। 2.79 किलोमीटर लंबी इस सुरंग के बनने से आठ किलोमीटर का रास्ता कम हो जाएगा। 423 करोड़ रुपये से चल रहा सुरंग निर्माण कार्य का
शुक्रवार को सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक राजीव चौधरी ने निरीक्षण किया। उन्होंने निमार्ण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय से काम पूरा करने पर जोर दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी, वीएसएम, महानिदेशक सीमा सड़क संगठन (डीजीबीआर) ने कहा कि संपर्क परियोजना कालूचक में स्थित सीमा सड़क परियोजना क्षेत्र में सड़कों और संबद्ध बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है। यह 3000 किलोमीटर से अधिक सीमावर्ती सड़कों के बुनियादी ढांचे का निर्माण और रखरखाव कर रहा है। 2.79 किलोमीटर लंबी यह सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव चौकी चोहरा के पास बनाई जा रही है। सुंगल टनल बनाने पर आठ किलोमीटर का रास्ता जो मोड़ वाला कठिन रास्ता कम हो जाएगा। सभी मौसमों में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
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डीजीबीआर राजीव चौघरी ने 35 टास्क फोर्स के कर्मचारियों और इंजीनियरों से भी बातचीत की। उन्होंने काम की प्रगति की सराहना की और कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति को समय पर पूरा करने के लिए पूरे समर्पण और उत्साह के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया और अफसरों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौघरी ने कहा कि अखनूर-पुंछ रोड पर चार टनल बनाने की योजना है, जिसमें तीन हजार छह सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें सुंगल टनल का कार्य चल रहा है, जिसमें टनल के दोनों ओर खोदाई का कार्य चल रहा। इसकी लागत 423 करोड़ रुपये है। जो दो वर्षों में पूरा होगा। उन्होंने बताया इस टनल के बनाने से करीब आठ किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी।
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शुक्रवार को सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक राजीव चौधरी ने निरीक्षण किया। उन्होंने निमार्ण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय से काम पूरा करने पर जोर दिया।
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लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी, वीएसएम, महानिदेशक सीमा सड़क संगठन (डीजीबीआर) ने कहा कि संपर्क परियोजना कालूचक में स्थित सीमा सड़क परियोजना क्षेत्र में सड़कों और संबद्ध बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है। यह 3000 किलोमीटर से अधिक सीमावर्ती सड़कों के बुनियादी ढांचे का निर्माण और रखरखाव कर रहा है। 2.79 किलोमीटर लंबी यह सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव चौकी चोहरा के पास बनाई जा रही है। सुंगल टनल बनाने पर आठ किलोमीटर का रास्ता जो मोड़ वाला कठिन रास्ता कम हो जाएगा। सभी मौसमों में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
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डीजीबीआर राजीव चौघरी ने 35 टास्क फोर्स के कर्मचारियों और इंजीनियरों से भी बातचीत की। उन्होंने काम की प्रगति की सराहना की और कर्मचारियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति को समय पर पूरा करने के लिए पूरे समर्पण और उत्साह के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया और अफसरों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौघरी ने कहा कि अखनूर-पुंछ रोड पर चार टनल बनाने की योजना है, जिसमें तीन हजार छह सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें सुंगल टनल का कार्य चल रहा है, जिसमें टनल के दोनों ओर खोदाई का कार्य चल रहा। इसकी लागत 423 करोड़ रुपये है। जो दो वर्षों में पूरा होगा। उन्होंने बताया इस टनल के बनाने से करीब आठ किलोमीटर दूरी कम हो जाएगी।