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Jammu: प्रदेश में जम्मू बना सबसे ज्यादा हादसों वाला शहर, 2022 में मई तक हुईं 488 दुर्घटनाएं

Tue, 02 Aug 2022 05:13 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Tue, 02 Aug 2022 05:13 PM IST
सार

जम्मू जिले में तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या है। वाहनों की अधिक संख्या होने की वजह से यह हादसे हो रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो हादसों का ग्राफ और बढ़ जाएगा।

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Jammu accident news: jammu became the city with the highest number of accidents in the jammu kashmir
Accident demo - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

केंद्र शासित प्रदेश में जम्मू जिला मंदिरों के शहर की जगह हादसों का शहर बन गया है। यह प्रदेश का एक मात्र ऐसा जिला है, जहां पर सबसे ज्यादा सड़क हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में जान देने वालों और घायलों की संख्या भी पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। यातायात पुलिस के मुताबिक इन हादसों का कारण जम्मू जिले में तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या है। वाहनों की अधिक संख्या होने की वजह से यह हादसे हो रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो हादसों का ग्राफ और बढ़ जाएगा।
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जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में मई महीने के अंत तक जम्मू जिले में कुल 488 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 49 लोगों की जान चली गई और 601 लोग घायल हो गए। श्रीनगर में 163 हादसे हुए, इनमें 10 लोगों की मौत हुई और 174 घायल हो गए।
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जम्मू मेें वाहनों की हालत

प्रदेश में जम्मू में 724270 वाहन पंजीकृत हैं, जबकि बाकी जिलों की बात करें तो कठुआ 79286, उधमपुर 53173, डोडा 11738, राजोरी 33774, पुंछ 16368, रियासी 16368, रामबन 5594, किश्तवाड़ 6399, सांबा 49321, श्रीनगर 315797, बडगाम 52471, बारामुला 70721, कुपवाड़ा 19995, अनंतनाग 71932, पुलवामा 47848, गांदरबल 14746, बांदीपोरा 12017, शोपियां 16219 और कुलगाम 14377 वाहन हैं।
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वाहनों पर कोई अंकुश नहीं

शहर में लोगों के पास वाहन खड़े करने की जगह नहीं है, फिर भी दनादन वाहन खरीदे जा रहे हैं। इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि जम्मू-कश्मीर में जम्मू जिले में 7 लाख वाहन हैं। श्रीनगर को छोड़ दिया जाए किसी भी जिले में एक लाख तक भी वाहन नहीं है। जम्मू जिले में सिर्फ 4 लाख दो पहिया वाहन ही हैं।

ट्रैफिक मैनेजमेंट नहीं, चालान मैनेजमेंट पर जोर
शहर में जगह-जगह ट्रैफिक पुलिस कर्मी चालान काटते नजर आते हैं, लेकिन यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने में कर्मी हिचकते हैं। कहीं पर जाम लगा हो तो यातायात कर्मी जाम क्लीयर करने की जगह चालान काटने में व्यस्त रहते हैं। बेशक बढ़ते वाहनों की वजह से हादसे हो रहे हैं, लेकिन एक कारण यह भी है कि शहर में अव्यवस्थित वाहनों की मूवमेंट की वजह से भी हादसे हो रहे हैं।


ज्यादा वाहनों की वजह से हादसे
जम्मू जिले में वाहनों की संख्या सबसे अधिक है। इस वजह से हादसे हो रहे हैं। रही बात यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा मैनेजमेंट की जगह अधिक चालान काटने पर ध्यान देना तो ऐसा नहीं है। पीक समय में चालान नहीं काटे जाते। उसमें कर्मी जाम दुरुस्त कराने में लगे होते हैं। -कौशल शर्मा, एसएसपी, ट्रैफिक पुलिस जम्मू।

जिला हादसे-मौतें-घायल
  • जम्मू 488-49-601
  • श्रीनगर 163-10-174
  • सांबा 147-25-158
  • कठुआ 205-43-260
  • उधमपुर 204-37-349
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