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सीबीआई की वकील मोनिका कोहली को सरकार ने दी सुरक्षा
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जम्मू। वरिष्ठ वकील मोनिका कोहली को सरकार ने सुरक्षा प्रदान की है। वह आतंकवाद और बैंक फ्राड जैसे महत्वपूर्ण मामलों में सीबीआई की वकील हैं। मोनिका पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण और पांच वायुसेना कर्मियों की हत्या मामले और पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर के बेटे हिलाल राथर के करोड़ों रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में सीबीआई का केस लड़ रही हैं।
मोनिका कोहली वर्ष 2015 से जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में एक रिटेनर वकील के रूप में सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रही है और कश्मीर घाटी में आतंकवाद के दौरान हुए दो सनसनीखेज अपराधों में आरोपी यासीन मलिक को जमानत का सफलतापूर्वक विरोध किया था। इसके बाद मलिक को सजा हुई। मलिक इस समय तिहाड़ जेल में है।
अधिकारियों का कहना है कि कोहली को एहतियाती उपाय के रूप में व्यक्तिगत सुरक्षा कवर दिया गया है। वे यासीन मलिक सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों में सरकार की पैरवी कर रही हैं। हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिसंबर 1989 के अपहरण मामले में रूबिया सईद को मुख्य गवाह के तौर पर समन जारी किया था। इस मामले में रूबिया को घटना के 33 साल बाद बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। रूबिया ने यासीन मलिक की पहचान की थी। मलिक ने हाल ही में मांग की थी कि उन्हें मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करने के लिए जम्मू अदालत के समक्ष पेश होने की अनुमति दी जाए। वहीं मोनिका कोहली ने धोखाधड़ी मामले में आरोपी हिलाल राथर की जमानत को भी एक साल से अधिक समय तक रोक दिया और स्वास्थ्य के आधार पर जमानत पाने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के इस्तेमाल का पर्दाफाश किया। वह कोविड के वक्त हाईकोर्ट के लिए सहयोगी वकील के तौर पर भी तैनात रहीं।
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मोनिका कोहली वर्ष 2015 से जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में एक रिटेनर वकील के रूप में सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रही है और कश्मीर घाटी में आतंकवाद के दौरान हुए दो सनसनीखेज अपराधों में आरोपी यासीन मलिक को जमानत का सफलतापूर्वक विरोध किया था। इसके बाद मलिक को सजा हुई। मलिक इस समय तिहाड़ जेल में है।
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अधिकारियों का कहना है कि कोहली को एहतियाती उपाय के रूप में व्यक्तिगत सुरक्षा कवर दिया गया है। वे यासीन मलिक सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों में सरकार की पैरवी कर रही हैं। हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिसंबर 1989 के अपहरण मामले में रूबिया सईद को मुख्य गवाह के तौर पर समन जारी किया था। इस मामले में रूबिया को घटना के 33 साल बाद बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। रूबिया ने यासीन मलिक की पहचान की थी। मलिक ने हाल ही में मांग की थी कि उन्हें मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करने के लिए जम्मू अदालत के समक्ष पेश होने की अनुमति दी जाए। वहीं मोनिका कोहली ने धोखाधड़ी मामले में आरोपी हिलाल राथर की जमानत को भी एक साल से अधिक समय तक रोक दिया और स्वास्थ्य के आधार पर जमानत पाने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के इस्तेमाल का पर्दाफाश किया। वह कोविड के वक्त हाईकोर्ट के लिए सहयोगी वकील के तौर पर भी तैनात रहीं।
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