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अमरनाथ यात्रा में लंगर वालों ने सेवा बंद करने की दी चेतावनी
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जम्मू। अमरनाथ यात्रा में पारंपरिक बालटाल और पहलगाम से पवित्र गुफा तक लंगर लगाने वाले प्रमुख लंगर संगठन साबलो (श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन) और सायबो (श्री अमरनाथ यात्रा भंडारा आर्गेनाइजेशन) ने यात्रा मार्ग पर लंगर सेवा न देने की चेतावनी दी है। इन संगठनों के पदाधिकारियों का आरोप है कि गत शनिवार को वर्चुअल माध्यम से बुलाई गई बैठक में बोर्ड के सीईओ नीतीश्वर कुमार और ओएसडी अनूप सोनी ने उन्हें शर्तों का पालन न करने पर हमेशा के लिए लंगर सेवा से बाहर करने की चेतावनी दी। लंगर वालों के साथ गलत व्यवहार करके उन्हें धमकाया गया, जबकि वे दशकों से उच्च कोटि की निशुल्क लंगर सेवाएं दे रहे हैं। बोर्ड अधिकारियों को अपने रवैये में बदलाव लाना चाहिए।
साबलो के प्रधान विजय ठाकुर, सदस्य राजन कपूर, राजन गुप्ता ने आरोप लगाया कि वर्चुअल बैठक में उक्त बोर्ड अधिकारियों ने लंगर वालों को धमकाने का काम किया। उन्हें ऐसी शब्दाबली का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगले एक दो दिन में वरिष्ठ सदस्यों की एक ग्यारह सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा जो इस मुद्दे पर उचित फैसला लेगी। इसमें ठोस कदम उठाने की श्रेणी में लंगर सेवा बंद करने का विकल्प भी रखा जाएगा। लंगर संगठन भोले के भक्तों की पूरी श्रद्धा के साथ सेवा करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी लंगर संगठन सभी शर्तों का पालन करते आ रहे हैं, लेकिन अब उनके लिए औपचारिकताएं बढ़ा दी गई हैं। सही में यात्रियों के रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था करना बोर्ड का काम है, लेकिन आस्था से जुटे लंगन संगठनों को ऐसा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले लंगर स्थलों पर पचास यात्रियों को ठहराने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब किसी भी यात्री को लंगर स्थलों पर न रोकने के लिए कहा जा रहा है, जबकि लंगर स्थलों पर उन्हें सभी सुविधाएं मिल सकती हैं। बोर्ड अधिकारियों के गलत रवैये से लंगर संगठनों में निराशा है। इस मौके पर पवन साबू आदि मौजूद रहे।
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साबलो के प्रधान विजय ठाकुर, सदस्य राजन कपूर, राजन गुप्ता ने आरोप लगाया कि वर्चुअल बैठक में उक्त बोर्ड अधिकारियों ने लंगर वालों को धमकाने का काम किया। उन्हें ऐसी शब्दाबली का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। अगले एक दो दिन में वरिष्ठ सदस्यों की एक ग्यारह सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा जो इस मुद्दे पर उचित फैसला लेगी। इसमें ठोस कदम उठाने की श्रेणी में लंगर सेवा बंद करने का विकल्प भी रखा जाएगा। लंगर संगठन भोले के भक्तों की पूरी श्रद्धा के साथ सेवा करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी लंगर संगठन सभी शर्तों का पालन करते आ रहे हैं, लेकिन अब उनके लिए औपचारिकताएं बढ़ा दी गई हैं। सही में यात्रियों के रात्रि विश्राम और भोजन की व्यवस्था करना बोर्ड का काम है, लेकिन आस्था से जुटे लंगन संगठनों को ऐसा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले लंगर स्थलों पर पचास यात्रियों को ठहराने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब किसी भी यात्री को लंगर स्थलों पर न रोकने के लिए कहा जा रहा है, जबकि लंगर स्थलों पर उन्हें सभी सुविधाएं मिल सकती हैं। बोर्ड अधिकारियों के गलत रवैये से लंगर संगठनों में निराशा है। इस मौके पर पवन साबू आदि मौजूद रहे।
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