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यात्रियों के साथ अमरनाथ लंगर वाले भी आरएफआईडी से कवर होंगे
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जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा 2022 की तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर की बैंक शाखाओं के माध्यम से अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। इस बार पहली बार शिवभक्तों के साथ लंगर वालों को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) से लैस किया जाएगा। सेवादारों के साथ प्रदेश के प्रवेश द्वार लखनपुर में आने वाले लंगर वाहनों को भी आरएफआईडी टैग लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों के साथ लंगर वालों की वास्तविक लोकेशन का पता चल सकेगा। अब तक श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से 115 लंगर वालों को अनुमति दी गई है। ये लंगर कश्मीर में यात्रा रूट पर लगेंगे, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य स्थलों पर लगने वाले लंगर अलग से होंगे।
कश्मीर में उपजे हालात को देखते हुए अमरनाथ यात्रा में सभी वर्गों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया जाएगा। इससे पहले लंगर सेवादारों को प्रशासन की ओर से शिनाख्ती कार्ड जारी होते थे, लेकिन इस साल पहली बार आरएफआईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। शिव भक्तों की सेवा के लिए देशभर में लंगर संगठन तैयारियों में जुटे हुए हैं। जून के मध्य तक घाटी में लंगर वालों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। यात्रा से पूर्व लंगर के बुनियादी ढांचे की स्थापना के साथ अन्य तैयारी की जाएगी। लंगर स्थलों पर जरूरत के मुताबिक 50 यात्रियों को ठहराया जा सकता है।
भोले भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट, लुधियाना के अध्यक्ष राजन गुप्ता ने बताया कि लंगर वालों को श्राइन बोर्ड की ओर से अनुमति मिली है, लेकिन तीन अन्य लंगर वालों से दस्तावेजों की प्रक्रिया जारी है। पहली बार सेवादारों को आरएफआईडी सुविधा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। बोर्ड की ओर से लंगर स्थलों पर 50 यात्रियों को ठहराने की अनुमति है, लेकिन लंगर स्थलों की क्षमता के मुताबिक इसे बढ़ाया जाना चाहिए। यात्रियों के विवेक पर छोड़ा जाना चाहिए कि वे टेंटों में रहें या लंगर स्थलों पर। प्रत्येक लंगर पर 50 सेवादारों को रखने की अनुमति है। इस बार पारंपरिक पहलगाम और बालटाल रूट से प्रतिदिन 10-10 हजार यात्रियों के पहुंचने से रिकॉर्ड यात्रा होने की उम्मीद है। पवित्र गुफा से सुबह और शाम को बाबा बर्फानी के दर्शन और आरती का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे देश विदेश में बैठे लोग भोले के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त कर सकें। इस बार यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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कश्मीर में उपजे हालात को देखते हुए अमरनाथ यात्रा में सभी वर्गों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया जाएगा। इससे पहले लंगर सेवादारों को प्रशासन की ओर से शिनाख्ती कार्ड जारी होते थे, लेकिन इस साल पहली बार आरएफआईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। शिव भक्तों की सेवा के लिए देशभर में लंगर संगठन तैयारियों में जुटे हुए हैं। जून के मध्य तक घाटी में लंगर वालों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। यात्रा से पूर्व लंगर के बुनियादी ढांचे की स्थापना के साथ अन्य तैयारी की जाएगी। लंगर स्थलों पर जरूरत के मुताबिक 50 यात्रियों को ठहराया जा सकता है।
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भोले भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट, लुधियाना के अध्यक्ष राजन गुप्ता ने बताया कि लंगर वालों को श्राइन बोर्ड की ओर से अनुमति मिली है, लेकिन तीन अन्य लंगर वालों से दस्तावेजों की प्रक्रिया जारी है। पहली बार सेवादारों को आरएफआईडी सुविधा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। बोर्ड की ओर से लंगर स्थलों पर 50 यात्रियों को ठहराने की अनुमति है, लेकिन लंगर स्थलों की क्षमता के मुताबिक इसे बढ़ाया जाना चाहिए। यात्रियों के विवेक पर छोड़ा जाना चाहिए कि वे टेंटों में रहें या लंगर स्थलों पर। प्रत्येक लंगर पर 50 सेवादारों को रखने की अनुमति है। इस बार पारंपरिक पहलगाम और बालटाल रूट से प्रतिदिन 10-10 हजार यात्रियों के पहुंचने से रिकॉर्ड यात्रा होने की उम्मीद है। पवित्र गुफा से सुबह और शाम को बाबा बर्फानी के दर्शन और आरती का सीधा प्रसारण किया जाएगा, जिससे देश विदेश में बैठे लोग भोले के दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त कर सकें। इस बार यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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