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कांग्रेस ने आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवाए
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जम्मू। परिसीमन आयोग के समक्ष परिसीमन रिपोर्ट को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने कई आपत्तियां और सुझाव दिए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि आयोग ने मानकों के विपरीत जमीनी परिस्थितियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की है, जिससे बड़े पैमाने पर जनता को नुकसान होगा। आयोग को आपत्तियों और सुझावों की गंभीरता से समीक्षा करने के साथ नई रिपोर्ट जारी करनी चाहिए।
पार्टी की ओर से दिए गए सुझाव में बाहू निर्वाचन क्षेत्र का नाम बावे वाली माता के नाम पर रखा जाए। इसी तरह थन्नामंडी का शाहदरा शरीफ, मुट्ठी दोमाना का पलोड़ा नाम रखा जाए। आपत्तियों में विरोध दर्ज करवाया गया है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी एक लाख से ऊपर है, जबकि कई नए की कुछ हजार में है। ऐसे में सभी क्षेत्रों के साथ समान न्याय नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने सात नई सीटों के लिए कई पुराने निर्वाचन क्षेत्रों को तोड़ दिया है। वहीं, लोकसभा के लिए राजोरी पुंछ को कश्मीर के साथ मिला दिया गया है, जबकि इसका कोई आधार नहीं है। कई बड़े निर्वाचन क्षेत्रों में जम्मू, श्रीनगर, अनंतनाग जैसे जिलों को लाभ नहीं मिला। आयोग को जिला स्तर पर सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हालात का निरीक्षण करना चाहिए, उसके बाद ही जनता के हितों में कोई फैसला लिया जाना चाहिए।
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पार्टी की ओर से दिए गए सुझाव में बाहू निर्वाचन क्षेत्र का नाम बावे वाली माता के नाम पर रखा जाए। इसी तरह थन्नामंडी का शाहदरा शरीफ, मुट्ठी दोमाना का पलोड़ा नाम रखा जाए। आपत्तियों में विरोध दर्ज करवाया गया है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों की आबादी एक लाख से ऊपर है, जबकि कई नए की कुछ हजार में है। ऐसे में सभी क्षेत्रों के साथ समान न्याय नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने सात नई सीटों के लिए कई पुराने निर्वाचन क्षेत्रों को तोड़ दिया है। वहीं, लोकसभा के लिए राजोरी पुंछ को कश्मीर के साथ मिला दिया गया है, जबकि इसका कोई आधार नहीं है। कई बड़े निर्वाचन क्षेत्रों में जम्मू, श्रीनगर, अनंतनाग जैसे जिलों को लाभ नहीं मिला। आयोग को जिला स्तर पर सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हालात का निरीक्षण करना चाहिए, उसके बाद ही जनता के हितों में कोई फैसला लिया जाना चाहिए।
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