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जम्मू-कश्मीर में अपराध दर बढ़ी, प्रति लाख जनसंख्या पर 216 फीसदी हुई
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अपराध दर में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। साल 2019 में 25072 के मुकाबले 2020 में 28936 अपराधिक मामले पुलिस थानो में दर्ज हुए है। ऐसे में अपराध दर प्रति लाख जनसंख्या पर 216.90 फीसदी दर्ज हुई है, जबकि 2019 में अपराध दर प्रति लाख जनसंख्या पर 189.41 फीसदी थी। यह खुलासा पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह की तरफ से सोमवार को पुलिस मुख्यालय में साल 2020 की वार्षिक अपराध गजट के वार्षिक संस्करण में किया गया है।
पुलिस महानिदेशक ने साल 2020 के अपराध गजट को तैयार करने के लिए स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अधिकारियों, स्टाफ के सदस्य व संस्करण से जुड़े अन्य लोगों को बधाई देते हुए कहा कि गजट पारंपरिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसे पूरी गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने 2021 के अपराध गजट को जारी करने के लिए निर्धारित तिथि तय करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, आज के दौर में अपराध की प्रकृति काफी जटिल हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस का खास ध्यान आतंकवाद, साइबर और नशे के अपराध पर है। जम्मू कश्मीर पुलिस की नोडल एजेंसी के तौर पर क्राइम ब्रांच कार्य करती है और अपराध के खिलाफ ठोस तरीका अपनाने की योजना तैयार करती है।
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उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर पुलिस के जांचकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कोर्स आयोजित किए जाते हैं ताकि आपराधिक मामलो को सुलझाने में तेजी लाई जा सके। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, एके चौधरी, एमके सिन्हा, दानिश राणा, आईजी अलोक कुमार व अन्य संबंधित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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पुलिस महानिदेशक ने साल 2020 के अपराध गजट को तैयार करने के लिए स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अधिकारियों, स्टाफ के सदस्य व संस्करण से जुड़े अन्य लोगों को बधाई देते हुए कहा कि गजट पारंपरिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसे पूरी गंभीरता से लिया जाएगा।
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उन्होंने 2021 के अपराध गजट को जारी करने के लिए निर्धारित तिथि तय करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, आज के दौर में अपराध की प्रकृति काफी जटिल हो गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस का खास ध्यान आतंकवाद, साइबर और नशे के अपराध पर है। जम्मू कश्मीर पुलिस की नोडल एजेंसी के तौर पर क्राइम ब्रांच कार्य करती है और अपराध के खिलाफ ठोस तरीका अपनाने की योजना तैयार करती है।
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उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर पुलिस के जांचकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कोर्स आयोजित किए जाते हैं ताकि आपराधिक मामलो को सुलझाने में तेजी लाई जा सके। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, एके चौधरी, एमके सिन्हा, दानिश राणा, आईजी अलोक कुमार व अन्य संबंधित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।