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जम्मू-कश्मीर: सैन्य इलाके के आसपास एक हजार गज तक निर्माण वर्जित, पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह का 581 गज पर बना है विवादित घर
Thu, 11 Nov 2021 01:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 01:27 AM IST
सार
सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील जम्मू-कश्मीर में सैन्य क्षेत्रों के आसपास निर्माण को लेकर सेना की ओर से चिंताएं जताई जा चुकी हैं। वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट के तहत एक हजार गज के दायरे में निर्माण पर पाबंदी है, लेकिन पूर्व डिप्टी सीएम का घर आयुध भंडार से 581 गज के दायरे में बना है।
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पूर्व उपमुख्यमंत्री का घर( फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील जम्मू-कश्मीर में सैन्य क्षेत्रों के आसपास निर्माण को लेकर सेना की ओर से चिंताएं जताई जा चुकी हैं। वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट के तहत एक हजार गज के दायरे में निर्माण पर पाबंदी है, लेकिन पूर्व डिप्टी सीएम का घर आयुध भंडार से 581 गज के दायरे में बना है।
वहीं, जिस दो हजार वर्ग मीटर भूमि पर निर्माण हुआ है, उसे वर्ष 2000 में हिमगिरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था। इस कंपनी में पूर्व डिप्टी डॉ. निर्मल सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम कवींद्र गुप्ता और भाजपा सांसद जुगल किशोर भी शेयर धारक थे। हालांकि कवींद्र गुप्ता ने दावा किया था कि वे इस कंपनी से इस्तीफा दे चुके हैं।
वर्ष 2017 में घर का निर्माण किया गया था शुरू
वर्ष 2017 में इस प्लॉट पर घर का निर्माण शुरू किया गया। तब डॉ. निर्मल सिंह भाजपा-पीडीपी सरकार में उप मुख्यमंत्री थे। सेना ने वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट का हवाला देते हुए आपत्ति जताकर निर्माण रोकने को कहा था। इस पर हाईकोर्ट ने 2015 के आदेश पर अमल के निर्देश दिए।
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इस आदेश के अनुसार सेना के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) की अनुमति पर ही भूमि, इमारत, दीवार समेत अन्य ढांचों में बदलाव के लिए किसी भी तरह का निर्माण किया जा सकता है। अन्यथा किसी भी तरह का बदलाव पर सैन्य कमांडर कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण तोड़ने का मुआवजा भी ले सकते हैं।
सैन्य क्षेत्र के आसपास खुली जमीन जरूरी
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट के प्रावधान सैन्य क्षेत्र के आसपास निगरानी में बाधाओं को रोकने के लिए किए गए हैं। सैन्य क्षेत्र के आसपास खुली जमीन जरूरी है।
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वहीं, जिस दो हजार वर्ग मीटर भूमि पर निर्माण हुआ है, उसे वर्ष 2000 में हिमगिरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा था। इस कंपनी में पूर्व डिप्टी डॉ. निर्मल सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम कवींद्र गुप्ता और भाजपा सांसद जुगल किशोर भी शेयर धारक थे। हालांकि कवींद्र गुप्ता ने दावा किया था कि वे इस कंपनी से इस्तीफा दे चुके हैं।
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वर्ष 2017 में घर का निर्माण किया गया था शुरू
वर्ष 2017 में इस प्लॉट पर घर का निर्माण शुरू किया गया। तब डॉ. निर्मल सिंह भाजपा-पीडीपी सरकार में उप मुख्यमंत्री थे। सेना ने वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट का हवाला देते हुए आपत्ति जताकर निर्माण रोकने को कहा था। इस पर हाईकोर्ट ने 2015 के आदेश पर अमल के निर्देश दिए।
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इस आदेश के अनुसार सेना के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) की अनुमति पर ही भूमि, इमारत, दीवार समेत अन्य ढांचों में बदलाव के लिए किसी भी तरह का निर्माण किया जा सकता है। अन्यथा किसी भी तरह का बदलाव पर सैन्य कमांडर कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करते हुए निर्माण तोड़ने का मुआवजा भी ले सकते हैं।
सैन्य क्षेत्र के आसपास खुली जमीन जरूरी
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट के प्रावधान सैन्य क्षेत्र के आसपास निगरानी में बाधाओं को रोकने के लिए किए गए हैं। सैन्य क्षेत्र के आसपास खुली जमीन जरूरी है।