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जम्मू-कश्मीर : भीषण आग में उधमपुर की केमिकल फैक्टरी खाक, सेना बनी मददगार, कई लोगों की बचाई जान
Sat, 29 May 2021 01:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 29 May 2021 01:22 AM IST
सार
- कटरा, जम्मू से बुलाए दमकल वाहनों, सेना और एयरफोर्स ने आग पर काबू पाया, हेलीकॉप्टर से पानी डाला
- धनुका एग्रीटेक फैक्टरी में रखे केमिकल के ड्रमों में धमाकों से भड़की आग हुई विकराल, शार्ट सर्किट बताया जा रहा कारण
- हादसे के समय 30 कर्मचारी नाइट शिफ्ट में कर रहे थे काम, गार्ड ने सभी को सुरक्षित निकाला
- दो किमी दूर तक सुनाई दिए धमाके, फैक्ट्री से सटे घरों के 40 परिवारों को सुरिक्षत स्थानों पर पहुंचाया
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खाक हुई फैक्टरी..
- फोटो : amar ujala
विस्तार
शहर के साथ लगते बट्टलबालियां औद्योगिक क्षेत्र में वीरवार रात को आग लगने से धनुका एग्रीटेक फैक्टरी जलकर राख हो गई। इसमें करोड़ों के नुकसान का अनुमान है। घटना वीरवार रात करीब साढ़े 11 बजे की है। इस दौरान कीटनाशक बनाने वाली फैक्टरी में 30 कर्मचारी नाइट शिफ्ट पर थे। गार्ड ने तुरंत सभी को अलर्ट कर बाहर निकाल दिया। आगे बुझाने के लिए कटड़ा और जम्मू से भी फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एयरफोर्स ने हेलिकॉप्टर से पानी डालकर आग पर काबू पाया।
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वीरवार रात लगी आग शुक्रवार दोपहर पूरी तरह बुझाई जा सकी। आग में फैक्टरी में पड़े कैमिकल ड्रमों में धमाकों से आग ज्यादा भड़की। धमाके दो किमी दूर तक सुनाई दे रहे थे। उपायुक्त इंदु कंवल चिब और एसएसपी सरगुन शुक्ला ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट को बताया जा रहा है। आौद्योगिक इलाके में स्थित धनुका एग्रीटेक में कीटनाशक बनाया जाता था। वीरवार रात करीब साढ़े 11 बजे नाइट शिफ्ट पर काम चल रहा था।
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इसी बीच फैक्टरी के बाहर के हिस्से में आग लग गई। बाहर तैनात गार्ड को इसका पता चला तो उसने सायरन बजाकर सबको अलर्ट कर दिया। कर्मचारी फैक्टरी से बाहर निकल आए। इसके बाद दमकल विभाग को सूचित किया गया, लेकिन जब तक दमकल विभाग मौके पर पहुंचता तब तक आग ने पूरी फैक्टरी को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर पड़े केमिकल के ड्रमों में हुए धमाके से आग और भड़क गई। लपटें और धमाकों की आवाज करीब दो किलोमीटर तक सुनाई दे रही थीं। आग भड़कने के बाद दमकल विभाग ने फैक्टरी के साथ मौजूद घरों को खाली करवा दिया और करीब 40 परिवारों को घरों से दूर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
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सूचना मिलने पर डीसी इंदु कंवल चिब, एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए। जब उन्होंने देखा कि आग को बुझाना उधमपुर दमकल विभाग के लिए संभव नहीं है तो कटड़ा, जम्मू से दमकल विभाग के वाहन बुलाए गए। इसके साथ सेना के दमकल विभाग की भी मदद ली गई। करीब साढ़े पांच घंटे मशक्कत करने के बाद सुबह करीब पांच बजे आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि अंदर के हिस्से में सुबह भी आग लगी हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने आग बुझाने के लिए एयर फोर्स से मदद मांगी। शुक्रवार दोपहर एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर ने मानसर झील से पानी भर कर फैक्टरी पर डाला। इससे आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि शुक्रवार शाम को भी फैक्टरी के अंदर से धुआं उठ रहा था।
सेना बनी मददगार
कैमिकल फैक्टरी में लगी आग भीषण थी। नागरिक प्रशासन के आग्रह पर तुरंत अमल करते भारतीय सेना ने कैमिकल फैक्टरी में आग बुझाकर एक बड़े हादसे को होने से बचाया और कई लोगों की जान भी बच गई।
सेना के विशेष ट्रकों ने इस काम में बहुत मदद की।
नहीं थे आग बुझाने के पूरे उपकरण
घटना के वक्त फैक्टरी के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि फैक्टरी में आग बुझाने के लिए जरूरी उपकरण नहीं थे। जो उपकरण लगाए थे उन तक पहुंचना कर्मचारियों के लिए संभव नहीं था। आग की घटना को रोकने के लिए भी किसी तरह की व्यवस्था नहीं थी। इसी कारण आग कुछ ही मिनटों में भड़क गई।
टीन से तैयार की गई थी पूरी फैक्टरी
फैक्टरी को पूरी तरह से टीन से तैयार किया गया था। अंदर केवल कुछ दीवारें ईंट से तैयार की गई थीं। जब केमिकल के ड्रमों में धमाका हुआ तो आग भड़क गई और फैलती चली गई। फैक्टरी के अंदर खड़े किए चार वाहन भी आग की चपेट में आ गए और जलकर राख हो गए। पानी के साथ फोम डाल कर भी आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
400 से अधिक कर्मचारी हो गए बेरोजगार
धनुका एग्रीटेक में 400 से अधिक कर्मचारी काम करते थे। फैक्टरी में दिन और रात की शिफ्ट में काम चलता था। फैक्टरी के आग में जलने से एक ही झटके में सैकड़ों कर्मचारी बेरोजगार हो गए। फैक्टरी में आग लगने की सूचना न मिलने के कारण शुक्रवार सुबह कई कर्मचारी तो टिफन लेकर काम करने के लिए फैक्टरी में पहुंच गए थे। जब उन्होंने फैक्टरी में आग लगी देखी तो हैरान रह गए। कोरोना कर्फ्यू के बीच अब सभी को रोजगार की चिंता सताने लगी है।
उधमपुर में सबसे बड़ी आग की घटना
उधमपुर के इतिहास में कभी भी इतनी बड़ी आग की घटना सामने नहीं आई है। इससे पहले 2020 में टिकरी में गैस सिलिंडर से भरे ट्रक में आग लग गई थी। एक-एक कर 100 से अधिक सिलिंडर धमाके के साथ उड़ गए थे। इस आग को बुझाने के लिए भी दमकल विभाग को जम्मू और कटड़ा के दमकल विभाग की मदद लेनी पड़ी थी। इसके साथ 2008 में बाजार के अंदर दो दुकानों में आग लगी थी और इस पर भी काबू पाने में कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी थी।