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जम्मू-कश्मीरः अनंतनाग में सेना ने जर्जर बस स्टैंड को बना दिया स्ट्रीट लाइब्रेरी
Mon, 08 Mar 2021 06:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 08 Mar 2021 06:10 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के एक गांव के जर्जर बस स्टैंड को सेना ने स्ट्रीट लाइब्रेरी के रूप में तब्दील कर दिया ताकि आस-पास के इलाके के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा उच्च शिक्षा में मदद मिल सके। सेना की 18 राष्ट्रीय राइफल्स की ओर से निर्मित यह लाइब्रेरी रानीपोरा, छत्तीसिंहपोरा, केजरीवाल तथा देवीपोरा गांव के बच्चों को मदद पहुंचा रहा है।
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18 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल रोहित झा ने बताया कि शुरूआत में यहां कुछ स्टोरी बुक रखी गई थीं, पुस्तकालय सुबह दो घंटे खुलता था। काफी संख्या में बच्चे पहुंचने यहां लगे। बाद में सेना ने बुक्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के साथ समझौता किया, जिसने कुछ पुस्तकें भेजने का भरोसा दिया।
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बताया कि यहां बुक जार भी रखा गया है जहां बच्चे एक स्लिप के जरिये विज्ञान, इतिहास तथा अन्य विषयों से जुड़ी पुस्तकें प्राप्त कर लेते हैं। स्ट्रीट लाइब्रेरी में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम व खलील जिबरान की पुस्तकें भी हैं।
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बताया गया कि वर्ष 2016 में बस स्टैंड को अवांछनीय तत्वों ने जला दिया था। प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक सिडनी शेल्डन की प्रेरणा से स्ट्रीट लाइब्रेरी को स्थापित किया गया। सेना इस प्रकार की और स्ट्रीट लाइब्रेरी निकट भविष्य में खोलने की योजना बना रही है ताकि युवाओं का भविष्य संवारा जा सके। यहां एक नोटिस बोर्ड है जिस पर नई पुस्तकों का उल्लेख किया जाता है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के क्यूआर कोड को भी प्रदर्शित किया जाता है। सेना में भर्ती के टिप्स भी दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे किताबों की मांग भी रखते हैं जिसे सेना या तो खरीदती है या फिर एनजीओ से व्यवस्था कराने का प्रयास करती है।