जम्मू-कश्मीर: डोडा के अस्पताल में मां ने दिया 5.6 किलो शिशु को जन्म, सामान्य प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा स्वस्थ
डॉक्टर ने बताया कि महिला का सामान्य प्रसव करना बड़ी चुनौती थी। जब बच्चे का जन्म हुआ तो उसका वजन 5.6 किलोग्राम निकला। सामान्य तौर पर नवजात का वजन तीन से चार किलोग्राम तक होता है।
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डोडा के अस्पताल में महिला ने 5.6 किलोग्राम के शिशु को जन्म दिया है। प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती को जब अस्पताल लाया गया तो जांच में पता चला कि गर्भ में बच्चा टेढ़ा है। इस पर डॉ. यशिका भगत की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम गठित की गई।
गायनी डॉक्टर ने बताया कि महिला का सामान्य प्रसव करना बड़ी चुनौती थी। जब बच्चे का जन्म हुआ तो उसका वजन 5.6 किलोग्राम निकला। जबकि, सामान्य तौर पर नवजात का वजन तीन से चार किलोग्राम तक होता है।
गायनी डॉक्टर ने कहा कि हालांकि मां और शिशु दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल में इस तरह का यह पहला मामला है। चिकित्सक के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में आकर नियमित जांच करवानी चाहिए, ताकि गर्भ में पल रहा बच्चा व मां दोनों स्वस्थ रहें।
गर्भवती तक यह सुविधा पहुंचाने के लिए सरकार ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आशा वर्कर नियुक्त की हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर गर्भवती की जांच न हो तो कई समस्याएं आ सकती हैं।
गर्भवती को थी दौरा पड़ने की शिकायत
गायनी डॉक्टर ने कहा कि गर्भवती की नार्मल डिलीवरी की गई है। हालांकि उसे दौरा पड़ने की शिकायत थी। बीपी भी ज्यादा था। इस कारण चिकित्सकों को भी सुरक्षित प्रसव करवाने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी। कोख में बच्चा उल्टा था।
करीब 20 मिनट के भीतर सुरक्षित प्रसव करवाया गया है। महिला ने इससे पहले अस्पताल में कभी जांच नहीं करवाई थी, जिससे यह परेशानी खड़ी हुई।
नियमित जांच के साथ अस्पताल में ही करवाएं प्रसव
गायनी डॉक्टर यशिका भगत ने सुझाव दिया कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में आकर डॉक्टर के कहे अनुसार समय-समय पर जांच करवानी चाहिए। अस्पताल में ही प्रसव करवाएं। घर में प्रसव करवाने से कई प्रकार की समस्याएं हो सकती है। इससे बच्चे व मां को भी खतरा रहता है। अस्पताल में हर व्यवस्था होती है।
इस तरह के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। सामान्य तौर पर 3.5 से 4 किलोग्राम तक नवजात शिशु का वजन होता है, लेकिन डोडा में सामने आया मामला असामान्य है।- डॉ. अमन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, गांधी नगर अस्पताल (जम्मू)