Jammu Kashmir: आयुष मंत्रालय ने गिनाई बीते 100 दिनों की उपलब्धियां, संगठन के साथ सहयोग से लेकर दवाओं तक
आयुष मंत्रालय ने अपने 100 दिनों की उपलब्धियों को गिनाया, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ समझौता, वियतनाम और मलेशिया के साथ एमओयू और आयुष दवाओं की उपलब्धता शामिल हैं।
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आयुष मंत्रालय ने पिछले सौ दिनों के कामकाज को लेकर क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, बनतालाब में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। प्रेस कांफ्रेंस को आयुष निदेशालय, जम्मू-कश्मीर के उप निदेशक डॉ. सुरेश शर्मा ने संबोधित किया। इसमें उन्होंने आयुष मंत्रालय की बीते 100 दिनों की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में बताया।
डॉ. सुरेश शर्मा ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए बताया कि आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 31 जुलाई, 2024 को जिनेवा स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्यालय में एक डोनर समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, इसका उद्देश्य साक्ष्य-आधारित पारंपरिक चिकित्सा को एक मजबूत आधार प्रदान करना था। 1 अगस्त, 2024 को भारत और वियतनाम ने औषधीय पौधों में सहयोग पर केंद्रित एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। जिसके तहत वियतनाम का पारंपरिक चिकित्सा प्रशासन और भारत का राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड मिलकर काम करेंगे। भारत और मलेशिया सरकार भी आयुर्वेद पर केंद्रित एक एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुकी हैं। यह साझेदारी अनुसंधान, ज्ञान के आदान-प्रदान और आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के निर्माण को बढ़ावा देगी।
डॉ. सुरेश शर्मा ने आगे बताया कि आयुष दवाओं की आसान उपलब्धता की गारंटी के लिए मंत्री प्रतापराव जाधव ने 26 अगस्त, 2024 को घोषणा की थी कि सरकार हर तहसील स्तर पर विशेष मेडिकल स्टोर खोलेगी। इन स्टोरों पर विभिन्न प्रकार की हर्बल और पारंपरिक दवाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही मंत्रालय ने समाज में आयुर्वेद और योग के उपयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से ’हर घर आयुर्योग‘ पहल भी शुरू की है।
आयुष मंत्रालय ने बीते 100 दिनों में बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए देश भर में 14,692 आयुष शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी के उपयोग के बारे में बताया गया।
आयुष मंत्रालय ने आईआईएससी बैंगलोर, आईआईटी दिल्ली, टीएमसी मुंबई और जेएनयू नई दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी में छह नए उत्कृष्टता केंद्र भी स्थापित किए हैं। इन केंद्रों को 52.47 करोड़ रुपये की फंडिंग दी गई है, जो अत्याधुनिक पारंपरिक चिकित्सा अनुसंधान, शिक्षण और स्वास्थ्य सेवा नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
प्रेस कांफ्रेंस दौरान प्रभारी अनुसंधान अधिकारी डॉ. गोपेश कुमार शर्मा, अनुसंधान अधिकारी डॉ. हरबंस सिंह, अनुसंधान अधिकारी तलत अंजुम, अनुसंधान अधिकारी डॉ. पूनम मोहोड़, समाजसेवी और पत्रकार जुगल किशोर गुप्ता उपस्थित रहे।