श्रीनगरः जल्द रिहा हो सकते हैं एमएलए हॉस्टल में बंद कई नेता, दो पूर्व मंत्रियों की हो चुकी है रिहाई
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पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से हिरासत में लिए गए कुछ कश्मीरी नेताओं को रिहा किया जा सकता है। इस संबंध में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन केंद्र सरकार के संपर्क में है। बता दें कि 17 नवंबर को डल झील किनारे बने सेंटूर होटल में बंद 34 नेताओं को कड़ी सुरक्षा के बीच एमएलए हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था। एमएलए हॉस्टल को अस्थायी जेल बनाया गया है।
हिरासत में लिए गए नेताओं में से कुछ ने नवबंर महीने में प्रशासन से आग्रह किया था कि उन्हें परिवार वालों से मिलने की अनुमति दी जाए। इस पर प्रशासन ने एमएलए हॉस्टल में बंद अलग-अलग पार्टियों के चार नेताओं को घर जाने की अनुमति दी थी। कुछ घंटे परिवार वालों के साथ बिताने के बाद ये नेता हॉस्टल लौट आए थे।
वहीं अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती समेत नेकां, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। बाद में 17 सितंबर को फारूक को पीएसए के तहत निरुद्ध कर दिया गया।
दिलावर मीर और गुलाम हसन मीर की नजरबंदी हटा दी गई
इससे पहले 25 नवंबर को मुर्मू प्रशासन ने स्थितियों का आकलन करने के बाद उत्तरी कश्मीर के दो नेताओं की नजरबंदी समाप्त की जबकि दो नेताओं को एमएलए हॉस्टल में बने अस्थायी जेल से घर पर शिफ्ट कर दिया था। यह कार्रवाई 110 दिन बाद की गई थी।
23 नवंबर को अलग-अलग पार्टियों के चार नेताओं को उनके आग्रह पर कुछ घंटे परिवार वालों के साथ बिताने की अनुमति दी गई थी। प्रशासन ने बारामुला के दो पूर्व मंत्रियों दिलावर मीर और गुलाम हसन मीर की नजरबंदी हटा दी। 2002 में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की कैबिनेट में गुलाम हसन मंत्री थे।
बाद में उन्होंने मुफ्ती से अलग होकर डेमोक्रेटिक पार्टी नेशनलिस्ट (डीपीएन) का गठन कर लिया। इसके साथ ही पूर्व विधायक अशरफ मीर तथा हाकिम यासीन को एमएलए हास्टल से घर पर शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन उनकी हिरासत जारी रहेगी।